
Lucknow, 2 अगस्त . उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने 45 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर Samajwadi Party और कांग्रेस के लिए नई Political चुनौती खड़ी करने की कोशिश की है. पार्टी ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और सिख समाज के नेताओं को मैदान में उतारकर पीडीए के समानांतर सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया है.
Political विश्लेषकों के मुताबिक, 45 घोषित उम्मीदवारों में 18 अनुसूचित जाति (एससी), 16 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 10 मुस्लिम और एक सिख समुदाय से हैं. पार्टी ने Lucknow छावनी, गोविंद नगर, विश्वनाथगंज सहित पांच सामान्य सीटों पर भी अनुसूचित जाति के उम्मीदवार उतारे हैं.
वरिष्ठ Political विश्लेषक वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उम्मीदवारों के सामाजिक समीकरण से स्पष्ट है कि आजाद समाज पार्टी ने सपा और कांग्रेस के सामने नई चुनौती पेश करने की रणनीति बनाई है. उनके अनुसार, बसपा के जनाधार में आई गिरावट के बाद आजाद समाज पार्टी अब तक खुद को उसके विकल्प के रूप में पेश कर रही थी, लेकिन 45 उम्मीदवारों की सूची बताती है कि अब वह बसपा के साथ-साथ सपा और कांग्रेस को भी चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है. 16 ओबीसी, 18 दलित, 10 मुस्लिम और एक सिख उम्मीदवार उतारकर पार्टी ने अपने चुनावी लक्ष्य का स्पष्ट संकेत दिया है.
वरिष्ठ Political विश्लेषक रतन मणि लाल का मानना है कि चंद्रशेखर आजाद ने इस बार अपनी चुनावी रणनीति बदलते हुए सीधे Samajwadi Party के Political आधार को चुनौती देने की कोशिश की है. शुरुआती दौर में चंद्रशेखर की राजनीति का केंद्र बसपा थी, लेकिन अब उन्होंने खुद को Samajwadi Party के विकल्प के रूप में स्थापित करने की रणनीति अपनाई है.
रतन मणि लाल कहते हैं कि जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं, वहां के सामाजिक समीकरण Samajwadi Party के पीडीए फार्मूले से मेल खाते हैं. दलित, पिछड़े और मुस्लिम समुदाय पर फोकस बताता है कि चंद्रशेखर अब बसपा से ज्यादा सपा के वोट बैंक में Political हस्तक्षेप करना चाहते हैं.
हालांकि, उनका कहना है कि फिलहाल आजाद समाज पार्टी का संगठन और चुनावी ढांचा इतना मजबूत नहीं है कि वह बड़े पैमाने पर सपा को चुनावी नुकसान पहुंचा सके. इसके बावजूद चंद्रशेखर ने सपा के भीतर Political असहजता जरूर पैदा कर दी है. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सुनील चितौड़ ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्र Political विचारधारा के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है और किसी दल की ‘बी-टीम’ नहीं है.
उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना है और उम्मीदवारों की अगली सूची 10 से 12 दिनों के भीतर जारी की जाएगी. सुनील चितौड़ ने कहा कि राजनीति में गठबंधन की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं. यदि भविष्य में किसी दल की ओर से बातचीत होती है तो इस पर अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद करेंगे.
सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी टिकट जाति नहीं, बल्कि विचारधारा और संगठन से जुड़ाव के आधार पर देती है. Samajwadi Party के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि सपा की लड़ाई पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के अधिकारों की है. उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ मुद्दे उठाने वाली हर Political ताकत विपक्ष के संघर्ष को मजबूत करती है. चंद्रशेखर आजाद को लेकर उन्होंने कहा कि Samajwadi Party उन्हें अपना Political प्रतिद्वंद्वी नहीं मानती. उन्होंने स्पष्ट किया कि आजाद समाज पार्टी के साथ फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई बातचीत या पहल नहीं हुई है.
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विकेटी/एसके
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