‘सहयोग’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों की जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी: सीएम सम्राट चौधरी

Patna, 13 जुलाई . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने बताया कि Tuesday को ‘सहयोग’ कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न जिलों से प्राप्त चयनित जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी.

सीएम सम्राट चौधरी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राज्य स्तरीय ‘सहयोग’ कार्यक्रम के अंतर्गत 14 जुलाई को Chief Minister सचिवालय स्थित संवाद सभागार में विभिन्न जिलों से प्राप्त चयनित जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी.

उन्होंने आगे लिखा कि ‘सहयोग’ बिहार Government की एक महत्वपूर्ण जन-केंद्रित पहल है, जिसके माध्यम से जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण से असंतुष्ट नागरिकों को राज्य स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा. सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की निर्धारित मानकों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी समीक्षा के उपरांत चयनित मामलों की सुनवाई प्रत्येक माह के द्वितीय Tuesday को किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि हमारी Government की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए तथा उसका न्यायसंगत, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए. ‘सहयोग’ कार्यक्रम Government और जनता के बीच प्रत्यक्ष संवाद, जनविश्वास एवं सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है.

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए सीएम चौधरी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि बांकीपुर की जागरूक जनता विकास, सुशासन और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एनडीए के पक्ष में प्रचंड जनादेश देगी तथा नीरज कुमार सिन्हा को भारी मतों से विजयी बनाएगी.

बिहार Government में मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि Monday को Patna जिले के राजस्व कार्यों की प्रगति एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान विभिन्न अंचलों में संचालित राजस्व सेवाओं, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निष्पादन, आमजन की शिकायतों के प्रभावी समाधान तथा विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं जनोन्मुखी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. समीक्षा के क्रम में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक राजस्व सेवा का लाभ निर्धारित समय-सीमा में आम नागरिकों तक पहुंचे तथा भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता हो.

डीकेएम/डीकेपी