
Bhopal , 28 अप्रैल . भाजपा की वरिष्ठ नेता और Madhya Pradesh की पूर्व Chief Minister उमा भारती ने Tuesday को आरक्षण नीति का जोरदार समर्थन किया. उन्होंने इसे सामाजिक न्याय हासिल करने का एक जरूरी जरिया बताया और समाज से असमानता को खत्म करने के लिए तीसरे स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान किया.
Bhopal के जंबूरी मैदान में ‘राजा हिरदेशाह लोधी शौर्य यात्रा’ को संबोधित करते हुए उमा भारती ने ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक समानता हासिल करने के लिए आरक्षण जरूरी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जाति-आधारित बंटवारे और आर्थिक असमानताएं अभी भी भारतीय समाज को प्रभावित कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि असमानता को कम करने के लिए आरक्षण एक अहम जरिया बना हुआ है. सिर्फ कानूनी प्रावधानों से ही बदलाव नहीं आ सकता. सामाजिक व्यवहार और सोच में बदलाव भी उतना ही जरूरी है.
शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानताओं को उजागर करते हुए भारती ने तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जब तक President, Prime Minister और मुख्य न्यायाधीश के परिवार के सदस्य सरकारी स्कूलों में एक साथ पढ़ाई नहीं करेंगे, तब तक कोई भी आरक्षण को खत्म नहीं कर सकता. उन्होंने आगे कहा कि सच्ची समानता तभी आएगी, जब प्रभावशाली परिवार भी आम नागरिकों की तरह उन्हीं सार्वजनिक संस्थानों पर निर्भर होंगे.
सांस्कृतिक संदर्भों का हवाला देते हुए भारती ने कहा कि भारतीय परंपराएं जीवन के सभी रूपों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देती हैं. उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि पेड़, पहाड़ और जानवरों की पूजा की जाती है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सामाजिक व्यवहार में भेदभाव अभी भी मौजूद है.
उन्होंने कहा कि देश ने आजादी के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी. अब, समानता के लिए एक तीसरी लड़ाई लड़नी होगी. उन्होंने इसे समाज के सभी वर्गों के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया.
भारती ने लोधी-लोधा समुदाय के Political महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि Governmentें बनाने में इस समुदाय की निर्णायक भूमिका होती है. लोधी समुदाय में यह ताकत है कि वह यह तय कर सके कि सत्ता में कौन आएगा.
अपने Political सफर पर बात करते हुए उमा भारती ने उन मौकों को याद किया जब उन्होंने सिद्धांतों की खातिर सत्ता के पदों से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश में अपने इस्तीफे और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए Madhya Pradesh में अपना पद छोड़ने के फैसले का जिक्र किया. उन्होंने आगे कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में प्रगति और आजादी का एक नया दौर शुरू हो रहा है.
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने एक मजबूत रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि India आखिरकार Pakistan के कब्ज़े वाले कश्मीर (पीओके) को वापस हासिल कर लेगा. एक समय ऐसा आएगा जब Pakistan को झुकना पड़ेगा और माफी मांगनी पड़ेगी. पिछले साल पहलगाम में हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि India की जवाबी कार्रवाई ने उसकी ताकत को साबित कर दिया है.
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने समुदाय के इतिहास को सहेजने का आह्वान किया. उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित करने के लिए राजा हिरदेशाह की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की अपील की.
लोधी-लोधा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जलम सिंह पटेल ने पूर्व राजघरानों की मौजूदा हालत पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें वह उचित पहचान नहीं मिल पा रही है जिसके वे हकदार हैं.
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