यूक्रेन शांति समझौते में अलास्का में बनी थी सहमति, अब अमेरिका के जवाब का इंतजार: लावरोव

मॉस्को, 24 जून . रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने Wednesday को कहा कि यूक्रेन में शांति समझौते को लेकर अमेरिका ने अभी तक अपने ही प्रस्तावों का जवाब नहीं दिया है, जो उसने अलास्का के एंकरेज में दिए थे.

सर्गेई लावरोव ने प्रिमाकोव रीडिंग्स इंटरनेशनल साइंटिफिक और एक्सपर्ट फोरम में बोलते हुए कहा कि रूस-अमेरिका शिखर बैठक से पहले रूस को ‘बहुत स्पष्ट प्रस्ताव’ दिए गए थे, जिन्हें रूसी President व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार कर लिया था.

रूसी समाचार एजेंसी ‘टास’ के अनुसार, लावरोव ने कहा, “हमें लगा था कि वहां एक सहमति बन गई है. लेकिन एक हफ्ता बीत गया, फिर दो हफ्ते. अमेरिकी President डोनाल्‍ड ट्रंप यूरोपीय नेताओं से सलाह लेने के लिए वॉशिंगटन चले गए. यूक्रेन के राष्‍ट्रपत‍ि जेलेंस्की से भी वहां किसी तरह चर्चा हुई. लेकिन आखिर में अभी तक हमें उस अमेरिकी प्रस्ताव का जवाब नहीं मिला है, जिसका हमने समर्थन किया था. फिलहाल स्थिति यही है.”

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि अलास्का में बनी सहमति पहले ही एक समझौते का रूप थी.

उन्होंने कहा क‍ि अब हमें कहा जा रहा है कि अभी बात नहीं बन रही है, कुछ और रियायत देनी होगी. हमने वहां कोई रियायत नहीं दी थी. हमने सिर्फ इस बात पर सहमति जताई थी कि लड़ाई कैसे खत्म की जाए और बाकी मुद्दों को बातचीत की मेज पर कैसे सुलझाया जाए. हमें भरोसा था कि इससे उन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी, जिन्हें President ने तय किया है, और यह काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा.

लावरोव ने कहा कि यूक्रेन के मुद्दे को हटाने की जरूरत पर अमेरिका ने ही जोर दिया था और रूस को लगा था कि अलास्का में इस मामले को सुलझा लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद अमेरिका ने रूस पर पहले से लगे प्रतिबंधों को बढ़ाया और नए प्रतिबंध भी लगाए.

रशिया-यूनाइटेड स्टेट्स समिट इन एंकरेज में President पुतिन और ट्रंप ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर चर्चा की थी.

पिछले साल दिसंबर में लावरोव ने कहा था कि युद्ध खत्म होने को लेकर लगाई जा रही भविष्यवाणियों के बावजूद रूस यूक्रेन में अपने लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश जारी रखेगा. उन्होंने कहा था कि President पुतिन ने रूस के उद्देश्यों को साफ और स्पष्ट रूप से बताया है.

टास की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लावरोव ने यूक्रेन समझौते पर एक बैठक में कहा था, “हमारे लक्ष्यों को हमारे President ने साफ और बिना किसी भ्रम के बताया है और अलास्का में इस पर विस्तार से चर्चा हुई थी. वहां इस बात को लेकर सहमति बनी थी कि इन लक्ष्यों की ओर कैसे बढ़ा जाए. यह केवल युद्धविराम या थोड़े समय के लिए रुकने की बात नहीं थी, बल्कि लंबे समय तक टिकने वाली शांति की दिशा में कदम था. हम किसी के तय किए हुए समय के हिसाब से नहीं, बल्कि इसी रास्ते पर आगे बढ़ेंगे.”

उन्होंने कहा, “हमारे लिए सबसे जरूरी चीज असली मुद्दा है. और असली मुद्दा रूस की सुरक्षा और उन रूसी लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है, जिनके बारे में कीव Government ने कहा है कि वे आतंकवादी हैं और उनके अधिकार छीन लिए गए हैं. यही हमारा लक्ष्य है.”

एवाई/डीकेपी