
इंफाल, 3 अगस्त . पिछले 24 घंटों में मणिपुर में सुरक्षा बलों के अलग-अलग संयुक्त अभियानों में प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से जुड़े आठ उग्रवादियों (जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं) को गिरफ्तार किया गया और उनसे हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई. Police ने Monday को इस बारे में जानकारी दी.
Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मणिपुर Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान के दौरान इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व और बिष्णुपुर जिलों से आठ उग्रवादियों को पकड़ा गया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं.
गिरफ्तार किए गए उग्रवादी प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसके Political विंग, रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (आरपीएफ) से जुड़े हैं.
अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चरमपंथी कथित तौर पर कई गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल थे, जिनमें अपहरण और जबरदस्ती ‘चंदा’ वसूलना शामिल है.
सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार आतंकवादियों के पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, सब्सक्रिप्शन की रसीदें, नकद, बिक्री से जुड़ी चीजे, प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड और अन्य सामग्री बरामद की.
दो अलग-अलग ऑपरेशन्स में संयुक्त सुरक्षा बलों ने हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया. ये बरामदगी थोउबल जिले के थोउबल Police स्टेशन के तहत अरोन्ग नदी के पास एकोक पाट से और तेंगनौपाल जिले के मोरेह Police स्टेशन के तहत एक जंगली इलाके से की गई. तेंगनौपाल जिला म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है.
बरामद की गई चीजों में दो आईएनएसएएस राइफल, एक एमपी-5 सबमशीन गन, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एलएलआर), दो .303 राइफल, आठ मैगजीन, एक स्मोक बम और अलग-अलग कैलिबर के 379 राउंड जिंदा कारतूस शामिल थे.
एक अलग ऑपरेशन में मणिपुर Police ने सेनापति जिले के खुलेन नाका चेक-पोस्ट से ड्रग्स बेचने के आरोपी अरुण दत्ता (50) को गिरफ्तार किया. वह पड़ोसी राज्य असम के डिब्रूगढ़ का रहने वाला है.
Police ने उसके पास से एक कार और साबुन की आठ डिब्बियां जब्त कीं.
इस बीच, सेंट्रल आर्म्ड Police फोर्सेज (सीएपीएफ) और मणिपुर Police की सुरक्षा टुकड़ियों ने राज्य भर के बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील जगहों पर बड़े पैमाने पर उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हैं. इनमें तलाशी अभियान और इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने की कवायदें शामिल हैं. सुरक्षा को और मजबूत करने के तहत, घाटी और पहाड़ी जिलों में 111 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं, ताकि उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके.
सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से अहम इम्फाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों और अन्य गाड़ियों को हथियारबंद सुरक्षा भी दे रहे हैं. यात्रियों और सामान ले जाने वाली गाड़ियों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही पक्की करने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और काफिले की सुरक्षा जारी है.
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एसएचके/डीकेपी
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