ट्विशा का ऋषिकेश से गहरा लगाव था: पिता नवनीधि शर्मा

Bhopal , 29 मई . ट्विशा शर्मा के परिवार ने Friday को त्रिवेणी घाट पर ट्विशा की अस्थियां विसर्जित कीं. ऋषिकेश में ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने बेटी को याद करते हुए कहा कि उसका ऋषिकेश से बहुत गहरा लगाव था.

उन्होंने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “ट्विशा यहां योग क्लासेज में हिस्सा ले चुकी थीं, और उसने 300 घंटे की प्रोफेशनल योग ट्रेनिंग भी पूरी की थी. उन्होंने सिर्फ मेरी बेटी की हत्या नहीं की, बल्कि प्यार की भी हत्या कर दी. उन्होंने मेरी जिंदगी से एक बिल्कुल पवित्र प्यार छीन लिया है. इसके जिम्मेदार भी वही लोग हैं.”

नवनीधि शर्मा ने कहा कि उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, “अब जब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है, तो हमारी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. आगे क्या होता है, यह देखना होगा.”

ट्विशा शर्मा की चचेरी बहन नैना शर्मा ने कहा, “आज हमने ऋषिकेश में ट्विशा की अस्थियों को विसर्जित किया. उसे ऋषिकेश बहुत पसंद था. आगे की कार्रवाई चल रही है और हम हर संभव प्रयास करेंगे कि यह मामला दिल्ली ट्रांसफर हो जाए. गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ मामला सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, उन्हें सजा मिलनी चाहिए.”

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा, “इस मामले में काफी अहम घटनाक्रम हुए हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने इस मामले की कमान संभाल ली है और आखिरकार अब चीजें आगे बढ़ रही हैं.”

वहीं, दूसरी ओर Bhopal में ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने मामले में बड़ा दावा करते हुए कहा कि अब आरोपियों के पास आपत्ति उठाने का कोई आधार नहीं बचा है, क्योंकि हाई कोर्ट पहले ही गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज कर चुका है.

उन्होंने कहा, “हमने अदालत के सामने सभी तथ्य रखे थे और बताया था कि हिरासत में पूछताछ क्यों जरूरी है. इन सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद ही हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की. अब सीबीआई को जांच करने का पूरा अधिकार है.”

अनुराग श्रीवास्तव ने cctv फुटेज से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा, “cctv फुटेज जब्त किए जाने से पहले उसके कुछ चुनिंदा हिस्से हटा दिए गए थे. सिर्फ हिस्से हटाए ही नहीं गए, बल्कि फुटेज से छेड़छाड़ भी की गई थी.”

उन्होंने कहा कि परिवार शुरू से ही यह आरोप लगाता रहा है कि मामले में प्रभाव डालने की कोशिश हो रही है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. यह बात राज्य Government और सीबीआई की ओर से हाई कोर्ट के सामने भी रखी जा चुकी है.

डीकेपी