
Bhopal , 19 मई . ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. उनके पिता नवनिधि शर्मा ने अधिकारियों पर साजिश का शक जताया है और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट होने तक बेटी का शव लेने से इनकार कर दिया है.
इस बीच Police ने मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की तलाश तेज कर दी है. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और Madhya Pradesh समेत अन्य राज्यों में कई Police टीम उसकी तलाश कर रही हैं.
Police ने छह सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है. साथ ही ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना से जुड़े मामलों में केस दर्ज किया गया है.
Police का कहना है कि समर्थ को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं. उसके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए सभी एयरपोर्ट और बॉर्डर चेकपोस्ट पर लुकआउट नोटिस भेजा गया है.
Police ने पासपोर्ट कार्यालय से समार्थ का पासपोर्ट रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, क्योंकि आशंका है कि वह विदेश भागने की कोशिश कर सकता है.
मिसरोद एसीपी रजनीश कश्यप ने से कहा, ”समर्थ की तलाश के लिए कई Police टीमें लगाई गई हैं. Madhya Pradesh के भीतर और राज्य के बाहर भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.”
मामले ने तब नया मोड़ लिया , जब एम्स Bhopal की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा के शरीर पर चोटों के कई निशान मिलने की बात सामने आई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी ने फंदे में इस्तेमाल बेल्ट को डॉक्टरों के सामने पेश नहीं किया. इस वजह से डॉक्टर गले पर मिले निशानों और बेल्ट का वैज्ञानिक मिलान नहीं कर सके.
ट्विशा के परिवार का कहना है कि इस लापरवाही से एक अहम सबूत की जांच प्रभावित हुई है. Police के मुताबिक घटनास्थल से बरामद नायलॉन बेल्ट मौत के सही कारण और तरीके का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती थी.
ट्विशा की गर्दन पर दो समानांतर निशान मिलने से जांच और उलझ गई है. बेल्ट उपलब्ध न होने के कारण वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हो सकी.
एसीपी ने बताया कि बेल्ट घटनास्थल से जब्त की गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान पेश नहीं की गई. उन्होंने कहा, ”लापरवाही की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी.”
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने गहरा दुख और नाराजगी जताते हुए कहा कि परिवार को दिखाई गई मेडिकल रिपोर्ट और मौके पर मिले सबूतों में काफी अंतर है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कई ठोस सबूत जांच को गुमराह करने की कोशिश की ओर इशारा करते हैं, इसलिए परिवार दूसरी पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है.
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है तो परिवार शव कैसे स्वीकार कर सकता है. उनका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और भौतिक सबूतों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है.
नवनिधि शर्मा ने दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति मिलने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि पहले Police कमिश्नर ने अनुमति दी, लेकिन बाद में अदालत ने यह कहते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.
उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला समय बर्बाद करने की कोशिश जैसा लगता है ताकि शव खराब हो जाए और अहम सबूत नष्ट हो जाएं.
ट्विशा शर्मा की मां रेखा शर्मा ने से कहा कि परिवार पिछले कई दिनों से अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही.
उन्होंने कहा, ”मैं दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रही हूं और चाहती हूं कि केस जल्द से जल्द दिल्ली ट्रांसफर किया जाए. यहां हमारी कोई मदद नहीं कर रहा. पिछले 5-6 दिनों से हम रोज दौड़ रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही.”
वहीं, समर्थ की मां और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने दहेज के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि दो लाख रुपए मांगने के दावे का कोई सबूत नहीं है.
यह मामला अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. ट्विशा की मौत की परिस्थितियों, ससुराल पक्ष की भूमिका और जांच की रफ्तार को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
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एएमटी/
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