ट्विशा शर्मा केस : पुलिस ने परिवार से कहा- ले जाइए पार्थिव शरीर, भोपाल एम्स में शव सुरक्षित रखने की सुविधा नहीं

Bhopal , 20 मई . Madhya Pradesh Police ने Wednesday को ट्विशा शर्मा के परिवार से आग्रह किया कि वे Bhopal एम्स से उनके पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में ले लें. यह आग्रह तब किया गया, जब संस्थान ने बताया कि शरीर को सड़ने से बचाने के लिए उसे माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखने की जरूरत है और अस्पताल में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है.

समर्थ सिंह की पत्नी ट्विशा शर्मा का 12 मई को कटारा हिल्स इलाके में उनके घर पर निधन हो गया. Police ने बताया कि उनकी मौत कथित तौर पर आत्महत्या के कारण हुई. 13 मई को एम्स Bhopal में उनका पोस्टमॉर्टम किया गया और तब से उनका शव संस्थान के मुर्दाघर में रखा हुआ है.

कटारा हिल्स Police स्टेशन ने ट्विशा शर्मा के पिता को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा गया है कि फिलहाल, शव को एम्स Bhopal के मुर्दाघर में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा गया है.

कटारा हिल्स Police स्टेशन ने आगे बताया कि यह सूचना Bhopal एम्स से मिली एक एडवाइजरी के बाद जारी की गई थी. 18 मई 2026 की रात को Bhopal एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग ने एक लिखित सूचना जारी करते हुए कहा कि शरीर को सड़ने से बचाने के लिए, उसे -80 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखा जाना चाहिए, एक ऐसी सुविधा जो फिलहाल Bhopal एम्स में उपलब्ध नहीं है.

इसमें आगे कहा गया है कि सामान्य मुर्दाघर फ्रीजर माइनस 4 डिग्री से 4 डिग्री के बीच काम करते हैं, जिससे लंबे समय तक शरीर के सड़ने की प्रक्रिया धीमी तो हो जाती है, लेकिन पूरी तरह रुकती नहीं है. शरीर आठ दिनों से Bhopal एम्स में रखा हुआ है, इसलिए पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि अब शरीर के सड़ने की प्रक्रिया शुरू होने की बहुत ज्यादा संभावना है.

आगे कहा गया कि आपको सूचित किया जाता है कि Police को दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है. हालांकि, मृतक का शव लंबे समय से मुर्दाघर में रखा हुआ है, इसलिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि आप मृतक का शव अपने कब्जे में लेने की व्यवस्था करें.

परिवार ने तब तक शव अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया है, जब तक कि Madhya Pradesh के बाहर दूसरा पोस्टमॉर्टम नहीं हो जाता. परिवार ने Tuesday को Bhopal की मजिस्ट्रेट अदालत में एक अर्जी देकर New Delhi एम्स में यह जांच कराने की मांग की.

परिवार ने कहा कि किसी प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान से मिली एक स्वतंत्र मेडिकल राय से जांच पर जनता का भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी.

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