
जबलपुर/Bhopal , 27 मई . मृतक ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह ने Wednesday को जबलपुर स्थित Madhya Pradesh हाई कोर्ट की प्रधान पीठ के समक्ष अपनी अग्रिम जमानत याचिका का बचाव करते हुए Madhya Pradesh Police द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया.
अपने वकील मृगेंद्र सिंह के माध्यम से प्रस्तुत विस्तृत जवाब में गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि उन्होंने जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग किया और मामले में जांच को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने का कभी प्रयास नहीं किया. यह मामला हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया है.
बचाव पक्ष ने अदालत से अग्रिम जमानत देने का आग्रह करते हुए तर्क दिया कि हिरासत में पूछताछ अनावश्यक है और इस स्तर पर गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी पूर्व-परीक्षण सजा के समान होगी.
बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट को बताया कि परिवार के आवास के अधिकांश हिस्से को Police ने 13 मई को ही सील कर दिया था, जिससे साक्ष्यों को नष्ट करने या उनमें हेरफेर करने की कोई संभावना नहीं रह गई थी.
जवाब में आगे कहा गया कि Police अधिकारी और बाद में सीबीआई अधिकारी बिना किसी रोक-टोक के घर में दाखिल हुए और परिवार के किसी भी विरोध के बिना मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पासपोर्ट और दस्तावेज जब्त कर लिए.
cctv फुटेज के मीडिया संगठनों को लीक होने से संबंधित आरोपों को खारिज करते हुए, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि डीवीआर पहले ही Police द्वारा जब्त कर लिया गया था और आधिकारिक हिरासत में है.
एम्स Bhopal में किए गए पहले पोस्टमार्टम में हेरफेर के आरोपों पर, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि गिरिबाला सिंह को चिकित्सा परीक्षण प्रक्रिया में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं है.
गर्भपात की गोलियों से जुड़े आरोपों का जवाब देते हुए बचाव पक्ष ने कहा कि ट्विशा शर्मा ने डॉक्टरों से परामर्श लेने के बाद स्वेच्छा से दवा ली थी. बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि वह चिंता के लिए मनोरोग उपचार करा रही थीं.
गिरिबाला के वकीलों ने तर्क दिया कि आत्महत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, और उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें फांसी का जिक्र था और cctv फुटेज भी Police के पास पहले से मौजूद है.
Madhya Pradesh हाईकोर्ट गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की 12 मई को हुई मौत के बाद दर्ज First Information Report के बाद Bhopal जिला न्यायालय द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था.
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एमएस/
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