टीवीके के मंत्री ने हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोप को नकारा, डीएमके पर तमिलनाडु में दलबदल शुरू करने का लगाया आरोप

इरोड, 5 जुलाई . तमिलनाडु के मंत्री केए सेंगोट्टैयन ने Sunday को विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि टीवीके के नेतृत्व वाली मौजूदा Government Political हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) में शामिल है.

उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास आरामदायक बहुमत है और उसे विरोधी पार्टियों के विधायकों को लुभाने की कोई जरूरत नहीं है.

सेंगोट्टैयन ने दलबदल कराने के लिए भारी रकम के इस्तेमाल के आरोपों का जवाब देते हुए इन दावों को ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि Government स्थिर, पारदर्शी है और उसे जनता का भारी समर्थन प्राप्त है.

उन्होंने इरोड में पत्रकारों से कहा, “इन आरोपों में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है. हमने एक मजबूत और स्थिर Government बनाई है, और हमारे गठबंधन सहयोगी अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं. हॉर्स-ट्रेडिंग की कोई जरूरत नहीं है.”

मंत्री की यह टिप्पणी डीएमके द्वारा टीवीके Government पर Political प्रतिशोध की भावना से काम करने, विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए Police का इस्तेमाल करने और विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद आई है.

सेंगोट्टैयन ने सत्ताधारी गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गठबंधन को कांग्रेस, के और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का समर्थन मिलना जारी है.

उन्होंने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि डीएमके ने ही तमिलनाडु में Political दलबदल की शुरुआत की और उसे बढ़ावा दिया. उन्होंने दावा किया कि पिछली डीएमके Governmentों के दौरान विधायकों (जिनमें पूर्व एआईएडीएमके नेता अनीता आर. राधाकृष्णन भी शामिल थे) को पाला बदलने के लिए मनाया गया था.

उन्होंने कहा, “जिन्होंने कभी सिर्फ 96 विधायकों के साथ अल्पमत की Government चलाई थी, उन्हें शायद हॉर्स-ट्रेडिंग की जरूरत पड़ी हो. हमें नहीं बल्कि हमारी Government जनता के जनादेश के दम पर बनी है.”

गवर्नर आरएन रवि की हालिया समीक्षा बैठक से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करते हुए (जिसे विपक्ष ने संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था) सेंगोट्टैयन ने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के कानून मंत्री पहले ही इस मुद्दे पर Government का पक्ष रख चुके हैं.

मंत्री ने करूर भगदड़ विवाद से जुड़ी हालिया टिप्पणियों पर भी सफाई देने की कोशिश की, जिसमें ‘हिसाब-किताब बराबर करने’ जैसी बातों पर विपक्ष ने आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि बयान का गलत मतलब निकाला गया, इसका मकसद सिर्फ प्रभावित परिवारों को यह भरोसा दिलाना था कि Government उन्हें न्याय और पूरी कानूनी सुरक्षा देगी.

यह विवाद Supreme Court तक पहुंच गया है. डीएमके ने कोर्ट से मांग की है कि Chief Minister सी. जोसेफ विजय और टीवीके के दूसरे नेताओं को ऐसे बयान देने से रोका जाए, जिन्हें पार्टी ने करूर भगदड़ (जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी) के बारे में ‘झूठा और भड़काऊ’ बताया है.

इससे पहले दिन में सेंगोट्टैयन ने इरोड जिले के करट्टाडीपालयम में एक नई राशन की दुकान का उद्घाटन किया. इसे एमएलए निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष से 16 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है. उम्मीद है कि इस सुविधा से इलाके के 710 राशन कार्ड धारकों को फायदा होगा.

मंत्री ने Chief Minister विजय के कामकाज के तरीके की तारीफ करते हुए कहा कि नया प्रशासन तेजी से फैसले लेने, सचिवालय में रोजाना समीक्षा करने और जनता से सीधे बातचीत करके कामकाज के नए मानक स्थापित कर रहा है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि कल्याणकारी योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंचे.

एएसएच/पीएम