ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद हो रही वार्ता का किया स्वागत

वॉशिंगटन, 16 अप्रैल . अमेरिका ने एक बार फिर से साफ किया है कि इजरायल और लेबनान के बीच संभावित सीजफायर ईरान के साथ उसकी बातचीत का हिस्सा नहीं है. अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारतीय समयानुसार Thursday को यानी इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत होगी.

भारतीय समयानुसार Thursday सुबह ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, “इजराइल और लेबनान के बीच थोड़ी राहत दिलाने की कोशिश कर रहा हूं. दोनों नेताओं ने लगभग 34 साल से बात नहीं की है. अब बात होगी. बढ़िया.” हालांकि अमेरिकी President ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वार्ता में कौन-कौन शामिल होंगे.

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का सीजफायर होने के बाद ईरानी पक्ष की तरफ से ये दावा किया कि इजरायल ने लेबनान पर हमला करके सीजफायर का उल्लंघन किया है. हालांकि, अमेरिका ने कहा कि इस सीजफायर में लेबनान को शामिल नहीं किया गया था.

इजरायल और लेबनान के बीच लगभग 34 सालों में पहली बार उच्चस्तरीय बातचीत हो रही है. दोनों देशों के बीच अमेरिका मध्यस्थ का काम कर रहा है. वॉशिंगटन इजरायल की उत्तरी सीमा पर तनाव कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशें तेज कर रहा है.

अमेरिकी Government के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका ने लेबनान में युद्धविराम के लिए नहीं कहा था और यह ईरान के साथ शांति बातचीत का हिस्सा नहीं था. हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि President डोनाल्ड ट्रंप इजरायल और लेबनान के बीच शांति समझौते के हिस्से के तौर पर लेबनान में दुश्मनी खत्म होने का स्वागत करेंगे.

रुबियो की मौजूदगी में लेबनान और इजरायल के बीच दुर्लभ सीधी बातचीत सालों में पहली बार हुई थी. अमेरिकी अधिकारियों ने इस बातचीत को तनाव कम करने और शायद एक बड़े समझौते का रास्ता खोलने की दिशा में एक कदम बताया.

एक और सीनियर अधिकारी ने कहा, “अमेरिका एक टिकाऊ शांति चाहता है, लेकिन उसने तुरंत सीजफायर की मांग नहीं की है. अमेरिका का ध्यान दोनों Governmentों के बीच भरोसा बनाने पर है ताकि हम शांति समझौते के लिए जगह बना सकें और भविष्य में होने वाली कोई भी समझ टिकाऊ हो सके. दोनों पक्षों को पॉलिटिकल माहौल बनाने की जरूरत है.”

अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि वॉशिंगटन तनाव कम करने का समर्थन तो करता है, लेकिन वह बातचीत के अलग-अलग रास्तों को नहीं जोड़ रहा है. अधिकारी ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का इजरायल और लेबनान के बीच चल रही शांति वार्ता से कोई लेना-देना नहीं है.”

इजरायल लेबनान में एक अल्पकालिक युद्धविराम पर विचार कर रहा है, जो लगभग एक सप्ताह तक चल सकता है, हालांकि यह अभी अंतिम निर्णय नहीं है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि हिजबुल्लाह इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या नहीं. अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन विभिन्न वार्ता प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता को इजरायल-लेबनान शांति वार्ता से अलग रखा गया है.

लेबनान में तनाव के हालात तब से हैं, जब इजरायल ने इस साल की शुरुआत में हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों के बाद सैन्य अभियान शुरू किया था. इस संघर्ष ने बड़ी संख्या में नागरिकों को विस्थापित किया है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है.

वॉशिंगटन की मौजूदा रणनीति तत्काल समाधान के बजाय धीरे-धीरे प्रगति पर केंद्रित है, ताकि जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचा जा सके और स्थायी शांति का रास्ता तैयार हो सके.