ट्रंप का दावा: मध्य पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद, अमेरिका-ईरान समझौता अंतिम चरण में

वॉशिंगटन, 12 जून . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, जिसके तहत ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा. इससे कुछ ही दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर होने और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना बढ़ गई है.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि बातचीत इतनी आगे बढ़ चुकी है कि अब अंतिम दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं.

ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बहुत अच्छा समझौता किया है. अब सिर्फ दस्तावेजों को अंतिम रूप देना बाकी है, जो अगले कुछ दिनों में पूरा हो जाना चाहिए. हमारे पास ऐसा समझौता है जिससे ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकेगा.”

उन्होंने कहा कि इस समझौते पर ‘बहुत जल्द’ हस्ताक्षर हो सकते हैं, संभव है कि इस सप्ताह के अंत तक यूरोप में कोई औपचारिक समारोह हो. हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका की ओर से उपPresident जेडी वेंस मौजूद रहेंगे.

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस कूटनीतिक प्रयास में शामिल कई देशों के नेताओं से बात की है, जिनमें इजरायल, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत शामिल हैं.

ट्रंप के अनुसार, प्रस्तावित समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि ईरान हमेशा के लिए परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने का विचार छोड़ देगा.

उन्होंने कहा, “वे किसी भी तरह से परमाणु हथियार नहीं खरीदेंगे, न विकसित करेंगे और न ही अपने पास रखेंगे. उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा.”

जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस व्यवस्था को मंजूरी दे दी है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “जहां तक मेरी जानकारी है, जवाब हां है.”

ट्रंप ने इस समझौते के ढांचे को बहुत मजबूत समझौता ज्ञापन (एमओयू) बताया और कहा कि इसे क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले कई देशों का समर्थन भी मिला है.

उन्होंने कहा क‍ि यह एक बहुत विस्तृत समझौता ज्ञापन है, जिस पर कई ऐसे देशों की भी सहमति है जिनका ईरान पर काफी प्रभाव है. President ने यह भी कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही संघर्ष से जुड़ी समुद्री नाकेबंदी खत्म कर दी जाएगी.

उन्होंने कहा क‍ि जैसे ही समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, होर्मुज स्‍ट्रेट फिर से खुल जाएगा. यह शायद Saturday या Monday तक हो सकता है. ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक, होर्मुज स्‍ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने के लिए अभियान चलाया है.

उन्होंने कहा क‍ि हमने बहुत सारे जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाया और लाखों नहीं बल्कि करोड़ों बैरल तेल वहां से गुजर सका. ट्रंप का कहना था कि हाल के सैन्य दबाव ने ईरान की सोच बदल दी है और वह अब समझौता करने के लिए पहले से ज्यादा तैयार है.

उन्होंने कहा क‍ि उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है. वे यह समझौता मुझसे भी ज्यादा करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि संघर्ष के दौरान ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है.

ट्रंप ने कहा क‍ि उनके पास न तो वायुसेना बची है और न ही नौसेना, साथ ही उनकी हवाई सुरक्षा व्यवस्था भी खत्म हो चुकी है. हमें लगता है कि वे समझौता करने जा रहे हैं और इसी में समझदारी है.

अपने बयान में ट्रंप बार-बार बातचीत के मुख्य उद्देश्य पर जोर देते रहे. उन्होंने कहा क‍ि ईरान किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं रखेगा और न ही परमाणु हथियार खरीदेगा.

एवाई/एएस