
एवियन, 17 जून . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने Wednesday को ईरान के साथ हुए समझौते को एक ऐतिहासिक सफलता बताया. उन्होंने कहा कि इस समझौते से मौजूदा संघर्ष खत्म हो गया है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल गया है और यह सुनिश्चित हो गया है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा.
फ्रांस के एवियन में हुए जी7 समिट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि दुनिया के नेताओं ने इस समझौते का स्वागत किया है, जिनमें India के Prime Minister Narendra Modi भी शामिल हैं. नेताओं ने इस समझौते को मध्य पूर्व में स्थिरता लाने की दिशा में एक कदम माना है.
ट्रंप ने कहा, “Sunday को हमने ईरान के साथ एक समझौता किया, जिससे वे सभी लक्ष्य पूरे हुए जिन्हें हम हासिल करना चाहते थे. संघर्ष खत्म करना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना, यही इस समझौते का मकसद था.”
उन्होंने बताया कि इस समझौते पर जी7 बैठक में शामिल नेताओं के साथ काफी चर्चा हुई.
ट्रंप ने कहा, “Prime Minister मोदी यहां थे, हमारी लंबी बातचीत हुई. वह एक शानदार व्यक्ति हैं. वे सभी इस बात से खुश हैं कि हमने यह समझौता किया है.”
President ने कहा कि किसी भी देश के नेता ने उनसे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए नहीं कहा. ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत और कूटनीति ने वह हासिल कर लिया जो लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई से संभव नहीं था.
उन्होंने कहा कि अगर हम यह समझौता नहीं करते तो हम दो हफ्ते, तीन हफ्ते, चार हफ्ते या दो साल तक और बम गिरा सकते थे, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कभी नहीं खुलता.
उन्होंने बार-बार इस जलमार्ग के दोबारा खुलने को समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि वहां से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पहले ही काफी बढ़ गई है.
ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री यातायात पहले ही काफी बढ़ गया है. आने वाले दिनों में ऊर्जा की सामान्य सप्लाई फिर शुरू हो जाएगी.
उन्होंने बताया कि समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि Sunday को ईरान के साथ जो समझौता हुआ है, उस पर जल्द ही हस्ताक्षर होंगे. शायद कल या उसके अगले दिन.
ट्रंप ने कहा कि इस समझौते की सबसे अहम बात यह है कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है. ईरान ने सहमति जताई है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उसे हासिल करेगा. उन्होंने कहा कि यह समझौता परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने, दोनों पर लागू होता है.
हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस समझौते का पालन नहीं करता है तो फिर से सैन्य कार्रवाई हो सकती है.
उन्होंने कहा, “अगर वे इस समझौते का सम्मान नहीं करते या कुछ ऐसी बातें हैं जो इसमें शामिल नहीं हैं तो यह एक समझौता ज्ञापन है. अगर वे इसे नहीं मानते तो शायद हमें फिर से उन पर बमबारी करनी पड़ेगी, जब तक वे इसे नहीं मानते.”
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एवाई/डीकेपी
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