ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर लगी मुहर, ट्रंप और पेजेश्कियन ने एमओयू पर किए हस्ताक्षर

एवियन, 18 जून . ईरान और अमेरिका के बीच महीनों से जारी संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच एक समझौता किया गया है. अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. अमेरिकी President ट्रंप ने फ्रांस में अपने समकक्ष इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए.

व्हाइट हाउस के उप प्रमुख स्टाफ डैन स्कैविनो ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज शाम फ्रांस के वर्सेल्स में President इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित डिनर से ठीक पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो को ईरान समझौता ज्ञापन प्राप्त हुआ, जिसके बाद President डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर किए.”

रिपब्लिकन सीनेटर एरिक श्मिट ने Wednesday को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि President ट्रंप ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करते हुए और कूटनीति के लिए रास्ता खोलते हुए वह हासिल किया है, जिसे कई लोग असंभव मानते थे.

श्मिट ने कहा कि ईरान ने पहली बार परमाणु हथियार विकसित नहीं करने का वादा किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता भरोसे के बजाय सत्यापन के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए.

अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के साथ ईरान की शुरुआती शांति व्यवस्था तेहरान के लिए लेबनान में हिज्बुल्लाह की आर्थिक और Political स्थिति को मजबूत करने का मार्ग खोल सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते के बाद ईरान को अनफ्रीज किए गए फंड और तेल सौदों से धन प्राप्त होना शुरू हो सकता है.

अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क पोस्ट ने न्यूज एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि इस एमओयू के तहत, ईरान को युद्ध के बाद के निवेश, प्रतिबंधों से राहत और अनफ्रीज्ड फंड से सैकड़ों अरबों का फायदा होगा. ऐसे में ईरान रिकंस्ट्रक्शन फंड का इस्तेमाल लेबनान में अपने बुरी तरह से तबाह हो चुके टेरर प्रॉक्सी को सहारा देने के लिए करेगा.

दो क्षेत्रीय राजनयिकों और दो वरिष्ठ लेबनानी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तेहरान ने हिज्बुल्लाह को जल्द वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का वादा किया है, जिससे समूह को लेबनान में अपनी सैन्य और Political गतिविधियों के पुनर्गठन में मदद मिल सकती है.

हिज्बुल्लाह के संचार कार्यालय ने पुष्टि की है कि ईरान संगठन को सार्वजनिक रूप से समर्थन देता है. अमेरिकी वित्त विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष लगभग एक ​​बिलियन डॉलर का ट्रांसफर भी इसमें शामिल था. कार्यालय ने कहा कि ईरान का समर्थन जारी रहेगा, चाहे फंड की वापसी से जुड़ी व्यवस्थाएं कुछ भी हों.

अमेरिका ने कहा है कि ईरान अपने अनफ्रीज किए गए फंड का उपयोग किसी भी आतंकवादी संगठन के वित्तपोषण के लिए नहीं कर सकता. साथ ही चेतावनी दी गई है कि समझौते का उल्लंघन होने पर धनराशि को फिर से फ्रीज किया जा सकता है.

एएस