
नई दिल्ली, 4 मई . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शिप मूवमेंट से जुड़े हालात में कुछ देशों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का जिक्र किया है. उन्होंने इस मामले में दक्षिण कोरिया को भी शामिल होने की बात कही है.
अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और समुद्री सुरक्षा से जुड़े हालात पर बयान देते हुए जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता जताई. उन्होंने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान ने कुछ अनजान देशों पर निशाना साधा है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा, ”अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने शिप मूवमेंट, ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के संबंध में कुछ अनजान देशों पर निशाना साधा है, जिसमें एक साउथ कोरियन कार्गो शिप भी शामिल है. शायद अब साउथ कोरिया के लिए भी इस मिशन में शामिल होने का समय आ गया है. हमने सात छोटी बोट्स या जैसा कि वे उन्हें कहना पसंद करते हैं, “फास्ट” बोट्स को मार गिराया है. उनके पास बस यही बचा है. साउथ कोरियन शिप के अलावा, इस समय, स्ट्रेट से गुजरने वाले किसी भी जहाज को कोई नुकसान नहीं हुआ है. सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ और चेयरमैन ऑफ जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ, डैन केन, कल सुबह एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!”
दरअसल Monday को होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरियाई जहाज पर धमाके के बाद आग लगने का मामला सामने आया. दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने Monday को अपने जहाज पर संभावित हमलों की पुष्टि की है. अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है.
मंत्रालय यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि जहाज को कितना नुकसान हुआ है और इसके पीछे कौन जिम्मेदार हो सकता है.
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हमारी कांसुलर मामलों की टीम इस जानकारी की पुष्टि कर रही है कि क्या दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला हुआ है. अभी तक हमने शुरुआती तौर पर यह पुष्टि की है कि हमारे किसी नागरिक को कोई चोट नहीं आई है.
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, अगर यह बात सही होती है, तो यह पहला ऐसा मामला होगा, जब किसी दक्षिण कोरियाई झंडे वाले जहाज पर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में हमला हुआ हो. उस समय अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था और यह जलमार्ग लगभग बंद हो गया था.
Monday को ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है. यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिका इस जलमार्ग से जहाजों को सुरक्षित निकालने के अभियान की तैयारी कर रहा था.
यूएई की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी के अनुसार, ओमान तट के पास एमवी बाराकाह नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया. हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और जहाज उस समय खाली था.
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एवाई/डीकेपी
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