‘हर घर तिरंगा अभियान’ को लेकर तैयार त्रिपुरा, 9 अगस्त से देशभक्ति से जुड़े होंगे कार्यक्रम

अगरतला, 7 अगस्त . देशभर में चलाए जाने वाले ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान को लेकर त्रिपुरा में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अधिकारियों ने Friday को बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना, स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है.

सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य (आईसीए) विभाग के सचिव किरण गिट्टे ने बताया कि Prime Minister मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वर्ष 2022 में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की थी. इस वर्ष अभियान का पांचवां संस्करण 9 से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राज्यभर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा. गिट्टे ने कहा, “इस अभियान का मकसद राष्ट्रीय ध्वज के साथ लोगों का भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना, स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देना और देशभक्ति की भावना जगाना है.”

उन्होंने बताया कि इस वर्ष के कार्यक्रम ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित होंगे. इसके तहत पूरे राज्य में तिरंगा रैली, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाइक और साइकिल रैली, तिरंगा रोशनी, सजावट और रंगोली प्रतियोगिताएं, ‘तिरंगा सलाम’ और ‘सेल्फी विद तिरंगा’ जैसे आयोजन किए जाएंगे.

आईसीए विभाग के सचिव ने बताया कि राज्य स्तरीय ‘हर घर तिरंगा’ रैली 11 अगस्त को आयोजित की जाएगी, जिसका उद्घाटन Chief Minister माणिक साहा करेंगे. यह रैली उज्जयंता पैलेस से शुरू होकर राजधानी की विभिन्न सड़कों से गुजरते हुए रवींद्र शताबर्षिकी भवन में समाप्त होगी. इसी दिन वहां तिरंगा प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा.

राज्य स्तरीय आयोजनों के अलावा सभी जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. अभियान में छात्रों, युवाओं, क्लबों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को भी शामिल किया जाएगा, जिससे इसकी पहुंच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों तक हो सके.

आईसीए विभाग के निदेशक बिम्बिसार भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य Government इस अभियान को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्देश्य देशभक्ति का संदेश राज्य के हर गांव और शहर तक पहुंचाना है.

एएमटी/एबीएम