
अगरतला, 26 जून . त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा ने Friday को दावा किया कि राज्य Government किसानों की आय दोगुनी करने के अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष मानें तो किसानों की औसत मासिक आय करीब 6,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर 13,000 रुपये से अधिक हो गई है. यह उपलब्धि Government की लगातार नीतिगत पहल और कृषि सुधारों का परिणाम है.
पश्चिम त्रिपुरा जिले के बामुटिया में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से बातचीत में Chief Minister ने कहा कि Government कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, खेती योग्य भूमि की सुरक्षा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है.
उन्होंने कहा, “हमने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया था और उसे हासिल कर लिया है. 2015-16 में किसानों की आय करीब 6,000 रुपये थी, जो अब 13,000 रुपये से अधिक हो चुकी है.”
Chief Minister ने कृषि भूमि के अन्य उपयोगों में परिवर्तन के सवाल पर कहा कि Government उपजाऊ कृषि भूमि को गैर-कृषि कार्यों के लिए अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं होने देगी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ भी जरूरी है और Government औद्योगिक विकास तथा कृषि भूमि की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, औद्योगिक परियोजनाएं निर्धारित औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध अनुपयोगी भूमि पर स्थापित की जानी चाहिए, न कि उपजाऊ कृषि भूमि पर. भूमि उपयोग से जुड़े हर प्रस्ताव की Government सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगी ताकि किसानों और कृषि क्षेत्र के हित सुरक्षित रह सकें.
Chief Minister ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केंद्र Government, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की एक राष्ट्रव्यापी पहल है. इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है.
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Madhya Pradesh के रायसेन जिले से इस अभियान की शुरुआत की थी. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में इस अभियान में कृषि मंत्रालय, आईसीएआर, कृषि वैज्ञानिकों और देशभर के किसान सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.
Chief Minister ने कहा कि कृषि India की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका की रीढ़ है तथा देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई किसान-केंद्रित योजनाएं और वैज्ञानिक पहल लागू कर रहे हैं.
साहा ने चेतावनी दी कि यूरिया और डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग से मिट्टी की जैविक गुणवत्ता लगातार घट रही है, जिससे उसकी दीर्घकालिक उत्पादकता और टिकाऊपन प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने किसानों से संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि का उद्देश्य केवल अधिक उत्पादन या आर्थिक लाभ नहीं होना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
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डीएससी
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