तृणमूल छात्र विंग स्थापना दिवस पर रैली करने की अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची

कोलकाता, 17 अगस्त . तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) ने Monday को कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची. टीएमसीपी ने 28 अगस्त को अपने स्थापना दिवस के मौके पर कोलकाता में रैली करने की अनुमति मांगी.

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल जज बेंच ने याचिका स्वीकार कर ली और मामले की सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तारीख तय की.

यह याचिका टीएमसीपी गुट ने दायर की थी, जो तृणमूल का असली लेकिन अल्पसंख्यक गुट है और पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार बना हुआ है.

Monday को याचिका पेश करते हुए याचिकाकर्ता के वकील अर्का कुमार नाग ने तर्क दिया कि 28 अगस्त को शहर में होने वाली रैली के बारे में कोलकाता Police को 27 जुलाई, 3 अगस्त और 7 अगस्त को तीन पत्र भेजे गए थे, लेकिन इस मामले में Police की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है.

उन्होंने कहा कि इसीलिए टीएमसीपी ने अब अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है.

हर साल मध्य कोलकाता में मेयो रोड पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास टीएमसीपी के स्थापना दिवस पर एक रैली आयोजित की जाती है. हालांकि इस बार स्थिति अलग है. हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में चुनावी हार के बाद पार्टी तीन गुटों में बंट गई थी.

तृणमूल के Lok Sabha सदस्यों का एक समूह नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गया है. दूसरा समूह ‘बागी लेकिन बहुमत’ वाला गुट है, जिसका नेतृत्व पार्टी से निकाले गए विधायक रितब्रत बनर्जी कर रहे हैं, जो वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं. बाकी लोग हालांकि संख्या में बहुत कम हैं, अभी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले असली लेकिन अल्पसंख्यक गुट के साथ हैं.

याचिका में, याचिकाकर्ता ने उसी स्थान पर रैली आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, जहां वे पिछले कई वर्षों से इसका आयोजन करते आ रहे हैं.

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