बंगाल: जहांगीर खान के करीबी टीएमसी नेता गिरफ्तार, वसूली और मारपीट का आरोप

कोलकाता, 28 मई . पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र में Police ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता जहांगीर खान के करीबी इसराफिल चकदार को जबरन वसूली, धमकी और मारपीट समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया है. Police के अनुसार, उसे Wednesday देर रात फाल्टा थाना क्षेत्र के हाशिमनगर से पकड़ा गया.

इसराफिल चकदार बंगानगर-2 ग्राम पंचायत का तृणमूल कांग्रेस प्रमुख है. 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के बाद बंगानगर-2 ग्राम पंचायत के हाशिमनगर इलाके में स्थानीय महिलाओं ने लगातार दो दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे सड़क पूरी तरह जाम हो गई थी.

प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि इसराफिल चकदार के नेतृत्व में तृणमूल समर्थित बदमाशों ने उन्हें मतदान करने से रोका था. महिलाओं ने दावा किया कि मतदान के दिन उन्हें घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया. साथ ही इसराफिल पर महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ के भी आरोप लगाए गए.

इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के बाद फाल्टा में पुनर्मतदान की मांग उठी थी. कई अन्य शिकायतों को भी संज्ञान में लेते हुए चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र का चुनाव रद्द कर दिया था. इसके बाद 21 मई को पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान कराया गया.

पुनर्मतदान में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की. वहीं तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत भी जब्त हो गई.

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही Police इसराफिल चकदार की तलाश कर रही थी. Police ने बताया कि उसे Wednesday रात गिरफ्तार किया गया और Thursday को डायमंड हार्बर एसीजेएम अदालत में पेश किया जाएगा.

गौरतलब है कि इससे पहले Police ने जहांगीर खान के करीबी माने जाने वाले तृणमूल मजदूर संगठन के नेता नासिर शेख को भी गिरफ्तार किया था. उस पर फाल्टा विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की एक फैक्ट्री के श्रमिकों से जबरन वसूली करने का आरोप है.

नासिर शेख पर श्रमिकों को उचित मजदूरी न देने, उनसे अवैध वसूली करने और पैसे नहीं देने पर नौकरी से निकालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. Tuesday को श्रमिकों ने उसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था, जिसके बाद रामनगर थाने की Police ने पहले उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया.

तृणमूल नेताओं की लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या अगला नंबर जहांगीर खान का होगा. कलकत्ता हाई कोर्ट पहले ही उन्हें मिली सुरक्षा वापस ले चुका है और जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दे चुका है. हालांकि, पुनर्मतदान से एक दिन पहले से ही जहांगीर खान कथित रूप से लापता बताए जा रहे हैं.

डीएससी