टीएमसी लूट और भ्रष्टाचार के आधार पर बनी पार्टी है, जितनी जल्दी खत्म हो, उतना बेहतर : दिलीप घोष

कोलकाता, 4 जून . पश्चिम बंगाल Government में कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जनता से बेरूखी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह पार्टी लूट और भ्रष्टाचार के आधार पर बनी थी, इसलिए जितनी जल्दी यह खत्म हो जाए, उतना बेहतर है.

पश्चिम बंगाल Government में कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने से बात करते हुए कहा, “इस पार्टी का गठन ही लूट के आधार पर हुआ था. यह पार्टी जितनी जल्दी खत्म हो जाए, उतना ही अच्छा है. कुछ अन्य पार्टियां भी इसी तरह की हैं, वे भी जल्द से जल्द खत्म हो जाएंगी.”

उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी सिर्फ भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़ी हुई थी. हमने पहले भी कहा था कि जिस दिन टीएमसी हारेगी, उसी दिन पार्टी खत्म हो जाएगी. ऐसा होना ही था.

घोष ने टीएमसी में फूट और असंतोष का जिक्र करते हुए बताया कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक बैठक बुलाई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा. वे क्यों नहीं आए? उन्हें इस मामले को देखना होगा, यह मेरी जिम्मेदारी नहीं है. जनता ने हमें विकास कार्यों के लिए सत्ता सौंपी है और मैं उसी की देखभाल कर रहा हूं. विपक्ष क्या करेगा, यह वे खुद तय करेंगे.

टीएमसी विधायकों के भाजपा में शामिल होने की दिलचस्पी पर दिलीप घोष ने साफ कहा कि पार्टी का दरवाजा पूरी तरह बंद है. मैंने दरवाजा कसकर बंद कर दिया है. मुझे पता था कि ऐसा होना ही था. अब कोई गलती से भी अंदर न आ जाए, क्योंकि मुझे पहले नुकसान उठाना पड़ा है. इसलिए अभी तक दरवाजा बंद है, देखते हैं भविष्य में क्या होता है. भाजपा में शामिल होने के लिए कई आवेदन आ रहे हैं, लेकिन दरवाजे बंद रखे गए हैं.

मंत्री दिलीप घोष ने पंचायत व्यवस्था पर कहा, “पंचायत व्यवस्था देश की एक बहुत पुरानी व्यवस्था है. प्राचीन काल से ही पंचायत के माध्यम से गांव की समस्याओं का समाधान किया जाता रहा है और गांव का विकास होता रहा है. यह परंपरा चली आ रही है. पहले ‘पंच प्रधान’ हुआ करते थे. आज पंचायतें हैं. चार अलग-अलग जातियों से चार लोग आते थे. वे आदिवासी समुदाय से भी आते थे. ये लोग गांव की देखभाल करते थे, समस्याओं को सुलझाते थे और विकास करते थे.”

घोष ने बंगाल की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में कई चुनौतियां हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या टीएमसी खुद थी. इसे लोगों ने संभाल लिया है, बाकी समस्याओं को हम हल करेंगे.

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