मुंबई में भारी बारिश से तीन मंजिला चॉल ढहा, पांच बच्चों सहित छह की मौत, सीएम ने जताया दुख

Mumbai , 6 जुलाई . Mumbai में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. Sunday को मानखुर्द के जनता नगर इलाके में एक तीन मंजिला चॉल ढह गई, जिससे पांच बच्चों और एक महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई. इस हादसे पर Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुख व्यक्त किया है.

social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी पोस्ट में लिखा गया, ” Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Mumbai के मानखुर्द इलाके में घर गिरने की घटना में 6 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया है और मृतकों को श्रद्धांजलि दी है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं और उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.”

Mumbai के मेयर ऑफिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द के जनता नगर इलाके में तीन मंजिला चॉल के ढहने से पांच बच्चों और एक महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई. एक व्यक्ति घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, Police और बीएमसी की बचाव टीमों ने बचाव कार्य किया. Mumbai की मेयर रितु तावड़े ने प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए गोवंडी अस्पताल का दौरा किया.

Maharashtra के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि Mumbai में भारी बारिश के कारण मानखुर्द के जनता नगर इलाके में यह इमारत ढह गई. हादसे में छह लोगों की मौत हुई है. एनडीआरएफ, Police और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में अवैध निर्माण हुए हैं और इस दुखद घटना की जांच कराई जाएगी.

Samajwadi Party के विधायक अबू आजमी ने कहा कि वर्ष 1995 में तत्कालीन Chief Minister मनोहर जोशी ने घोषणा की थी कि 1 जनवरी 1995 तक बने सभी झोपड़ियों का पुनर्वास किया जाएगा, जबकि इसके बाद बनने वाले झोपड़ों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने सवाल उठाया कि 1995 के बाद भी बड़ी संख्या में झोपड़ियां कैसे बन गईं. उनके अनुसार, इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है.

अबू आजमी ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर पैसे लेकर झोपड़ियां बनने दी जाती हैं. उन्होंने कहा कि यदि Government झोपड़ियां हटाना चाहती है तो पहले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को कई बार सदन में उठा चुके हैं. उनकी मांग है कि जर्जर और खतरनाक स्थिति में मौजूद झोपड़ियों को हटाकर वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए.

एसडी/एएस