इस बार आसान नहीं होगा दागियों को उम्‍मीदवार बनाना

नई दिल्ली (New Delhi) . उत्‍तर प्रदेश में होने जा रहे विधान सभा चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि या किसी ऐसे व्यक्ति को जिस पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं उम्मीदवार बनाना बहुत आसान नहीं रहेगा. केन्द्रीय चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि राजनीतिक दलों को उम्मीदवार घोषित करने के 48 घंटों के भीतर मीडिया (Media) के जरिये यह सार्वजनिक करना होगा कि उन्होंने जिसे उम्मीदवार बनाया है क्या वह आपराधिक पृष्ठभूमि का है, अगर है तो उस पर कितने और किन आरोपों में मुकदमे चल रहे हैं और उनकी प्रगति क्या है? राजनीतिक दलों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि उन्हें साफ सुथरी छवि का ऐसा कोई व्यक्ति क्यों नहीं मिला जिस पर कोइ केस दर्ज न हो और साफ सुथरी छवि वाले व्यक्ति को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया आयोग ने यह निर्देश गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखण्ड (Uttarakhand)और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में दिए हैं. लोक प्रहरी बनाम भारत सरकार व अन्य के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने इस बारे में 25 सितम्बर 2018 को विस्तृत आदेश पारित किए हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में केन्द्रीय चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिए यह निर्देश दिए हैं. आयोग के इन निर्देशों की जानकारी मंगलवार (Tuesday) को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने राज्य के सभी प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बुलाकर बैठक में दी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि चुनाव आयोग के यह भी निर्देश है कि 14 दिन की चुनाव प्रचार अवधि के दरम्यान प्रचार शुरू होने के शुरुआत चार दिन के भीतर, फिर प्रचार खत्म होने से चार दिन पहले और मतदान शुरू होने से दो दिन पहले प्रत्याशी और राजनीतिक दल दोनों को प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया (Media) के जरिये यह भी घोषणा करनी होगी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि पहली नवम्बर से शुरू होने जा रहे एक महीने के वोटर लिस्ट के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में सहयोग के लिए वह अपने बूथ लेबल एजेण्ट को बूथ लेबल आफिसर के साथ सहयोग करने के निर्देश जारी करें. उन्होंने बताया कि नवम्बर में चलने वाले वोटर लिस्ट के इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान 2, 13, 21 और 28 नवम्बर को विशेष दिवस आयोजित किए जाएंगे. इन चार विशेष दिवसों में सभी मतदान केन्द्रों पर बीएलओ मौजूद रहेंगे. जो वोटरों से दावे व आपत्तियां प्राप्त करेंगे. अभियान के दौरान बीएलओ घर-घर भी जाएंगे और पहली जनवरी 2022 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नए वोटरों का पंजीकरण करेंगे और मृत या स्थानांतरित वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाएंगे.

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