चार मई की ये शाम भले ही ढल रही हो, लेकिन बंगाल की पावन धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ: पीएम मोदी

New Delhi, 4 मई . पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मिले जनादेश को लेकर Prime Minister Narendra Modi ने New Delhi स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की Governmentें हैं. हमारा मंत्र है “नागरिक देवो भवः.” हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं, इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है. जनता साफ देख रही है कि जहां भाजपा, वहां गुड गवर्नेंस. जहां भाजपा, वहां विकास.

Prime Minister मोदी ने कहा कि उन्होंने जिस सशक्त और समृद्ध बंगाल का सपना देखा था, वो सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था. आज 4 मई को बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ताओं को वो अवसर दिया है. बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है. आज से बंगाल भयमुक्त हुआ और विकास के भरोसे से युक्त हुआ है.

उन्होंने कहा कि आज भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में मेरे मन में एक और बात आ रही है. वह बात यह है कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को आज कितनी शांति मिली होगी. उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना करके प्रत्येक कार्यकर्ता को संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए मरना है. उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते. डॉ मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को India का हिस्सा बनाए रखने के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी.

उन्होंने कहा कि इस जीत के साथ-साथ वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में India माता को और ऋषि बंकिम जी को बंगाल के लोगों ने अपना सादर नमन प्रेषित किया है. योगिराज श्री अरबिंदो को भी मतदाताओं ने ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है. मैं बंगाल के प्रत्येक नागरिक को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भाजपा बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए अथक प्रयास करेगी. अब बंगाल में महिलाएं सुरक्षित रहेंगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा. पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान योजना को मंजूरी दी जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन इस जीत के लिए समर्पित किया है. भाजपा की कितनी महिला कार्यकर्ताओं को तमाम अत्याचार सहने पड़े हैं. आप कल्पना नहीं कर सकते कि केरलम और बंगाल में भाजपा के हर कार्यकर्ता को कितनी मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं. उन पर कितने जुल्म और अत्याचार हुए हैं. मैं आज बंगाल में भाजपा की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को और उनके परिवारों को देता हूं. मैं ये जीत बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं. अभी 4 मई की ये शाम भले ही ढल रही हो, लेकिन बंगाल की पावन धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ है.

एमएस/डीकेपी