
New Delhi, 10 जून . देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है. तपती धूप, उमस भरी हवाएं और तेज गर्मी से जनजीवन पूरी तरह बेहाल है. ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट लोगों से शरीर को हाइड्रेटेड रखने की सलाह के साथ कुछ खास नेचुरल पेय पदार्थों के सेवन का सुझाव देते हैं.
गर्मी का यह मौसम चुनौती भरा है, लेकिन इन सरल और सस्ते घरेलू उपायों को अपनाकर हम स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं. India Government के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, गर्मियों में प्राकृतिक और घरेलू पेय पदार्थ न सिर्फ प्यास बुझाते हैं बल्कि शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखते हुए स्वास्थ्य की रक्षा भी करते हैं.
इस मौसम में सबसे लोकप्रिय और प्रभावी पेय में आम पन्ना शामिल है. कच्चे आम से बनने वाला यह पारंपरिक ड्रिंक उमस भरी गर्मी की सुबह में प्यास बुझाने का बेहतरीन विकल्प है. इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और गर्मी से होने वाली थकान को दूर करते हैं.
इसी तरह सिट्रस जूस यानी नींबू, संतरा, मौसमी आदि से बने जूस या शरबत भी गर्मी के मौसम में बेहद फायदेमंद है. विटामिन सी से भरपूर यह जूस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है.
तरबूज का ड्रिंक इन दिनों काफी लोकप्रिय हो रहा है. तरबूज पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें उच्च मात्रा में पानी के साथ-साथ विटामिन ए, सी और पोटेशियम होता है जो शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालता है और पूरे दिन हाइड्रेटेड रखता है. गर्मी में थकान महसूस होने पर तरबूज का ताजा जूस पीना बहुत राहत देता है.
छाछ को गर्मियों का सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा माना जाता है. यह न सिर्फ शरीर की आंतरिक गर्मी कम करती है बल्कि अपच, पेट फूलने और गर्मी से होने वाली अन्य समस्याओं से भी राहत दिलाती है. छाछ में नमक, जीरा और पुदीना मिलाकर पीने से स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी दोगुना हो जाता है.
नारियल पानी को प्रकृति का सबसे अच्छा इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक कहा जाता है. यह स्वादिष्ट, ताजगी भरा और पूरी तरह प्राकृतिक होता है. गर्मी में पसीने के साथ निकले खनिजों को तेजी से पूरा करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन प्राकृतिक पेयों को अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करने से गर्मी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों जैसे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकान से बचा जा सकता है. साथ ही भरपूर पानी पीना, हल्का और पौष्टिक भोजन करना तथा दोपहर में धूप से बचना भी जरूरी है.
–
एमटी/एएस
Skip to content