परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ नहीं होगा अन्याय, यह मेरा वादा, मेरी गारंटी : प्रधानमंत्री मोदी

New Delhi, 16 अप्रैल . परिसीमन बिल को लेकर Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को Lok Sabha में स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा कि देश में होने वाली यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह निर्णय देश की एकता और संविधान की भावना के अनुरूप होगा.

Prime Minister मोदी ने सदन में कहा कि मैं आज जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो या पश्चिम, छोटे राज्य हों या बड़े, यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले हुए परिसीमन के दौरान जो अनुपात तय किया गया था, उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और आगे की वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी.

उन्होंने विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि अगर किसी को भरोसा चाहिए तो वह गारंटी देने को भी तैयार हैं. अगर गारंटी चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा चाहिए तो वादा देता हूं. जब नीयत साफ होती है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं होती. कुछ लोग इस प्रक्रिया को उनके Political स्वार्थ से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन यह पूरी तरह गलत है. अगर आप इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि Political लाभ मुझे मिल सकता है, लेकिन अगर साथ चलेंगे तो किसी का नुकसान नहीं होगा. हमें किसी क्रेडिट की जरूरत नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि बिल पारित होने के बाद वह सभी दलों को श्रेय देने के लिए तैयार हैं.

Prime Minister मोदी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश को क्षेत्रीय नजरिए से बांटकर नहीं देखा जा सकता. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हम एक देश हैं. हमें देश को टुकड़ों में सोचने का कोई अधिकार नहीं है.

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नारी सशक्तीकरण का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अधिकार देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका हक है. हम यह न सोचें कि हम नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं, यह उनका अधिकार है, जिसे दशकों से रोका गया है. आज हमें उस गलती का प्रायश्चित करने का अवसर मिला है. लोकतंत्र की जननी होने के नाते, यह India की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है. इसी प्रतिबद्धता के कारण पंचायतों में ऐसी व्यवस्था स्थापित की गई.

Prime Minister ने अपने Chief Minister कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि संवेदनशील मुद्दों को सुलझाने में अनुभव और प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पंचायत स्तर पर किए गए प्रयोगों ने यह साबित किया है कि सही नीयत और अनुभव से बड़े बदलाव संभव हैं. मैंने लंबे समय तक Chief Minister के रूप में कार्य किया है. मेरा अनुभव यह है कि संवेदनशील मुद्दों को सुलझाने की प्रतिबद्धता लाभकारी सिद्ध होती है. जैसे-जैसे अनुभव गहराता है, उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है.

/एबीएम