सदन शुरू होने से पहले सपा में होगी टूट होगी, पीएम मोदी विश्व शांति के दूत: ओपी राजभर

आजमगढ़, 18 जून . उत्तर प्रदेश Government में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने Prime Minister Narendra Modi की वैश्विक छवि, Samajwadi Party में संभावित टूट, भ्रष्टाचार के आरोपों और आगामी Political घटनाक्रमों को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. Thursday को समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी विश्व स्तर पर शांति, सहयोग और व्यापारिक साझेदारी का संदेश देने वाले नेता हैं, जबकि Samajwadi Party के भविष्य को लेकर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की.

ओमप्रकाश राजभर ने Prime Minister Narendra Modi की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी लोकप्रियता की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के 32 देशों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाना उनकी वैश्विक स्वीकार्यता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि Prime Minister जहां भी जाते हैं, वहां शांति, सहयोग और विकास का संदेश लेकर जाते हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मानना है कि देशों के बीच आपसी व्यापार और सहयोग बढ़ना चाहिए. यदि किसी देश में ऐसी वस्तु का उत्पादन होता है जिसकी India को आवश्यकता है, तो उसका आदान-प्रदान होना चाहिए और India में बनने वाली आवश्यक वस्तुएं दूसरे देशों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी देश के विकास में बाधा बनता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर सहयोग और सौहार्द का वातावरण बनाना जरूरी है.

Samajwadi Party में संभावित टूट की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य के उस दावे का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने सपा के कई सांसदों के पाला बदलने की संभावना जताई थी. राजभर ने आरोप लगाया कि विभिन्न मामलों और कथित घोटालों की जांच तेज होने के बाद Samajwadi Party के नेताओं में बेचैनी बढ़ गई है. गोमती खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों में जांच आगे बढ़ने से पार्टी के भीतर असहजता का माहौल है. राजभर ने यह भी दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उन नेताओं की सूची सौंपी है, जो भविष्य में पार्टी छोड़ सकते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि 27 का चुनाव तो छोड़ दीजिए, सदन शुरू होने से पहले ही खेल हो जाएगा. बड़ा Political उलटफेर देखने को मिलेगा. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि 2047 तक Samajwadi Party सत्ता में नहीं आने वाली है, यह लिख लीजिए.

अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश Government पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने पर राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ट्रांसफर और पोस्टिंग का कार्य अधिकारियों के स्तर पर होता है, न कि मंत्रियों के स्तर पर. राजभर ने कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपनी आर्थिक स्थिति और संपत्ति का स्रोत स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कथित खनन घोटाला, लैपटॉप घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट मामले में कोई अनियमितता नहीं हुई, तो हजारों करोड़ रुपए की संपत्ति कहां से आई. उन्होंने यह भी पूछा कि विशेष चार्टर विमानों से यात्रा करने के लिए धन का स्रोत क्या है.

राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच से जुड़े सवाल पर राजभर ने कहा कि जो लोग उन पर सवाल उठाते हैं, उन्हें पहले अपने समाज में हुई घटनाओं पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने मऊ और बाराबंकी में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए Samajwadi Party समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए. राजभर ने दावा किया कि मऊ में राजभर समाज के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी और बाराबंकी में भी इसी प्रकार की घटना हुई थी. उन्होंने प्रयागराज की एक घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं, उन पर भी विपक्ष को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह अपने बयानों पर पूरी मजबूती से कायम हैं.

परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने विश्वास जताया कि आगामी मानसून सत्र में केंद्र Government जो भी विधेयक लाएगी, वह संसद से पारित हो जाएगा. उन्होंने कहा कि Government के पास पर्याप्त समर्थन है और जनता भी विकास से जुड़े फैसलों के साथ खड़ी है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विदेशों में जाकर India की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए.