बच्चों के बीच भारत के अतीत के बारे में जागरूकता करना चाहिए: नायडू

नई दिल्ली (New Delhi) .उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज सरकारी संगठनों और निजी क्षेत्र संस्थानों से आह्वान किया कि वे देश के कारीगरों को भारत और विदेशों में अपने उत्पादों का विपणन और बिक्री करने में सहयोग प्रदान करें. हमारे देश के प्रतिभाशाली कारीगरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती विपणन के अवसरों की कमी है, नायडू ने सुझाव दिया कि संग्रहालयों, सरकारी इमारतों और बड़े संस्थानों को अपने परिसर में दुकानों को खोलने पर विचार करना चाहिए, इस प्रकार से कारीगरों को अपने उत्पादों को बेचने का अवसर प्रदान करना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने स्वयंसेवी संगठनों को सुझाव दिया कि वे कारीगरों के उत्पादों का ऑनलाइन विपणन करने के लिए उनके साथ हाथ मिलाएं. उन्होंने कहा कि “जनजातीय युवाओं को ऑनलाइन विपणन की तकनीकी जानकारी हेतु प्रशिक्षित करने के लिए विशेष अल्पकालिक पाठ्यक्रम की भी शुरूआत की जा सकती है.“

पूर्वोत्तर के दौरे पर उपराष्ट्रपति आज अरुणाचल प्रदेश के इटानगर पहुंचे. उन्होंने ईटानगर (Itanagar)में जवाहरलाल नेहरू राज्य संग्रहालय का दौरा किया और उन्हें संग्रहालय में विभिन्न वर्गों और दीर्घाओं को दिखाया गया. बाद में एक फेसबुक पोस्ट में उन्होंने संग्रहालय की यात्रा के अनुभवों को ‘समृद्ध’ कहा और संग्रहालय की सराहना करते हुए कहा कियह ‘निस्संदेह देश के सर्वश्रेष्ठ एथनोग्राफिक संग्रहालयों में से एक’ है. विभिन्न वर्गों के बीच, नायडु ने संग्रहालय में स्थापित “पर्वतारोहण गैलरी” की विशेष प्रशंसा की जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी के बीच साहसिक और खेल में रुचि विकसित करना है. उन्होंने अन्य संस्थाओं और संग्रहालयों को इसी प्रकार की पहल करने, स्थानीय खेल सितारों के साथ सहयोग करने और युवाओं को खेल अपनाने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया.

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