
शिलांग, 12 अगस्त . मेघालय के Chief Minister कॉनराड के. संगमा ने Wednesday को कहा कि राज्य में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल उम्मीदवार तैयार करने के लिए टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्होंने ट्रेनिंग, मेंटरशिप, आर्थिक मदद और गाइडेंस के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया.
उन्होंने Wednesday को शिलांग के मावदियांगडियांग में मेघालय एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमएटीआई) द्वारा आयोजित ‘एसेंट 2026’ सेमिनार को संबोधित किया. इस दौरान संगमा ने कहा कि राज्य Government के सीएम-इन्स्पायर प्रोग्राम का मकसद उम्मीदवारों के लिए लगातार संस्थागत सहायता तैयार करना है.
उन्होंने कहा कि मेघालय में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और राज्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने वाले उम्मीदवारों की ‘कहीं ज्यादा’ संख्या तैयार कर सकता था.
संगमा ने कहा कि चुनौती सभी संबंधित लोगों को एक साथ लाने, सही माहौल बनाने और उम्मीदवारों को सही गाइडेंस देने की है, ताकि वे अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को हासिल कर सकें और राज्य के विकास में योगदान दे सकें.
इस प्रोग्राम के तहत, Chief Minister और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले सात उम्मीदवारों को 50,000 रुपए के सीएम-इन्स्पायर चेक बांटे.
Chief Minister संगमा ने राज्य Government के स्टार प्रोग्राम का जिक्र किया, जिसके तहत खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए गांवों में लगभग 30,000 युवाओं की स्क्रीनिंग की गई थी.
आखिरकार दस एथलीटों को खास मदद के लिए चुना गया, जिसमें शिक्षा, पोषण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, फिजियोथेरेपी, ट्रेनिंग और कोचिंग शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य Government का मकसद इन एथलीटों को इस तरह तैयार करना है कि उनमें से कोई एक 2036 के खेलों में ओलंपिक मेडल जीत सके.
संगमा ने कहा कि टैलेंट की पहचान करने, बड़े लक्ष्य तय करने और सपोर्ट सिस्टम बनाने का यही तरीका प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अपनाया जा रहा है.
Chief Minister ने उम्मीदवारों से यह भी कहा कि वे सिर्फ परीक्षा पास करने और आईएएस अधिकारी बनने से आगे बढ़कर अपनी प्रेरणा को समझें. 2004 का चुनाव हारने का अपना अनुभव बताते हुए संगमा ने कहा कि हार से डरने के बजाय उसका विश्लेषण किया जाना चाहिए.
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एमएस/
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