ममता बनर्जी पर हमले के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, यह जनता के गुस्से का इजहार है: भाजपा सांसद

New Delhi, 10 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद कालीचरण सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी पर हुए हमले को लेकर कहा कि जनता 15 साल से परेशानियां झेल रही थी. यह उसके गुस्से का इजहार है.

समाचार एजेंसी से बात करते हुए सांसद कालीचरण सिंह ने कहा, “अगर उन्होंने 15 साल तक कुप्रबंधन किया है और उन पर आरोप लगे हैं, तो हो सकता है कि वे सच हों. जनता 15 साल से परेशानियां झेल रही थी, इसलिए यह जनता के गुस्से का इजहार है. इसके पीछे कोई Political मकसद या एजेंडा नहीं है, और न ही कोई Political कार्यकर्ता ऐसा कर सकता है, क्योंकि Political कार्यकर्ता इस तरह का व्यवहार नहीं करते. लेकिन आप जनता को अपना गुस्सा जाहिर करने से पूरी तरह रोक नहीं सकते.”

उन्होंने यह भी कहा कि Political व्यवस्था के लिए ऐसी घटनाएं ठीक नहीं हैं, लेकिन जनता 15 सालों तक प्रताड़ित हुई है. जीने और धर्म की अपनी स्वतंत्रता नहीं थी. सारी चीजें उनके बंगाल में बंधक थीं. ऐसे में उबाल आएगा तो जनता ऐसा करेगी. जनता के इस गुस्से को कोई रोक भी नहीं सकता है.

कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं के साथ Prime Minister मोदी की चर्चा पर सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि 2014 से कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बहुत कम पहचान मिलती थी और हमारा मेडल टैली भी काफी कम था.

उन्होंने कहा कि आज, खेलों में अपनी उपलब्धियों के लिए India को दुनिया भर में पहचान मिल रही है. Prime Minister का नारा रहा है, ‘खेलो इंडिया, जीतो इंडिया.’ जाहिर है, देश का गौरव बढ़ाने वाले हमारे एथलीट्स, खिलाड़ियों और युवा टैलेंट का सम्मान करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और खेलों में अधिक भागीदारी के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है.

संसद में विपक्ष के हंगामे पर कालीचरण सिंह ने कहा कि मौजूदा सत्र में चाहे कांग्रेस पार्टी हो या उसकी सहयोगी पार्टियां, वे संसद को चलने देने में सहयोग नहीं कर रही हैं. वे बच्चों या नासमझ युवाओं की तरह हंगामा करते हैं, जिन्हें पता नहीं होता कि कैसा व्यवहार करना चाहिए. कभी-कभी हमें लगता है कि चूंकि हम पहली बार Lok Sabha के लिए चुने गए हैं, इसलिए हमें वरिष्ठ सांसदों से सीखना चाहिए कि वे कैसे बैठते हैं, कैसे सवाल पूछते हैं, नियम 377 क्या है? प्रश्नकाल और शून्यकाल क्या है?”

BJP MP ने आगे कहा कि विपक्ष जाहिर तौर पर रुकावटें पैदा करेगा. उनमें इतनी समझदारी भी नहीं है कि वे समझ सकें कि विपक्ष की भूमिका रचनात्मक सहयोग देना है.

डीसीएच/