जयपुर हादसे से सबक लेने की जरूरत : उदयपुर के भीतरी शहर में भी हो सकता है जयपुर जैसा हादसा

पूरे राज्य में भूमिगत सीवर व पेयजल लाइनों के रिसाव की जांच हो 

उदयपुर (Udaipur). जयपुर (jaipur)में  सड़क धसने के हादसे से उदयपुर (Udaipur) सहित पूरे राजस्थान (Rajasthan)को सबक लेकर भूमिगत पानी व सीवर लाइनों के लीकेज को रोकना होगा. इसके लिए  नगर निगम, जलदाय  विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर विकास प्रन्यास इत्यादि शहरी विकास से जुड़ी संस्थाओं का संयुक्त दल बनाकर तुरंत जमीन के भीतर की स्थिति जांचनी होगी व लीकेज उपचार व भूमिगत कमजोर स्थिति की मरम्मत करनी होगी. यह विचार  रविवार (Sunday) को आयोजित संवाद में व्यक्त किये.

झील, नदी  व सीवर विशेषज्ञ डॉ अनिल मेहता ने कहा कि उदयपुर (Udaipur) में भीतरी शहर में, झील परिधि क्षेत्रों में कई स्थानों पर  मिट्टी भराव के ऊपर सड़के बनी हुई है. इन सड़कों के नीचे सीवर व पेयजल आपूर्ति की लाइने जा रही है जिनमे लीकेज होता रहता है. झील की दीवारों के पैंदे में भी टूट फूट व क्षरण है व  झील के पानी का  रिसाव सड़को के नीचे की मिट्टी में हो रहा है.  ऐसे में पूरी संभावना है कि कभी ये सड़के धंस जाए. भीतरी शहर में पर्यटक  वाहनों का भारी दबाव है, और सड़के धंसी तो भारी दुर्घटनाएं हो सकती है. यही नही किनारे बने मकानों को भी मिट्टी धंसने से नुकसान हो सकता है. यह स्थिति राज्य के अन्य शहरों में भी है.

झील विकास समिति के सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि भूमिगत सीवर रिसाव से भूमिगत जल खराब होता जा रहा है. ख़राब भूजल से कई गंभीर बीमारियों का डर बना हुआ है. ऐसे में भीतरी शहर की सड़कों के नीचे की स्थिति का आंकलन किया जाना बहुत जरूरी है.

गांधी मानव कल्याण समिति के निदेशक नंद किशोर शर्मा ने कहा कि सेंसर आधारित नवीन तकनीकों से सड़क के नीचे के कमजोर हिस्सों की जांच आसानी से की जा सकती है. इस अवसर पर झील प्रेमी ध्रुपद सिंह ने अम्बामाता क्षेत्र से झील में प्रवाहित हो रहे सीवर को रोकने की मांग की.

Check Also

निजी अस्पतालों में कोविड उपचार के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश, निजी अस्पतालों और मेडिकल काॅलेज के प्रतिनिधियों के साथ कलक्टर की बैठक

उदयपुर (Udaipur). जिला कलक्टर (District Collector) चेतन देवड़ा ने रविवार (Sunday) को जिला परिषद सभागार …