थिएटर सबसे कम आंका जाने वाला माध्यम, एक्टर्स को ज्यादा सम्मान मिलना चाहिए : रश्मि देसाई

Mumbai , 2 मई . Actress रश्मि देसाई ने थिएटर एक्टर्स की मेहनत और संघर्ष पर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि थिएटर सबसे कम आंका जाने वाला माध्यम है, जहां कलाकार बहुत मेहनत करते हैं लेकिन उन्हें समय पर उनका हक नहीं मिल पाता.

रश्मि देसाई का कहना है कि थिएटर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है. उन्होंने थिएटर को एक खूबसूरत और सीखने लायक माध्यम बताया है. Actress ने को दिए इंटरव्यू में बताया, “थिएटर एक्टर्स बहुत मेहनत करते हैं. उन्हें उनका हक समय पर नहीं मिलता. वे जिस तरह का मजा करते हैं, उनका एक छोटा सा परिवार होता है और वे उसी में खुश रहते हैं. उन्हें किसी और की तारीफ की जरूरत नहीं होती. उन्हें यह सुनने की जरूरत नहीं होती कि ठीक है, यह करो, वह करो.”

रश्मि ने थिएटर कलाकारों की रिस्क लेने की क्षमता की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि थिएटर एक्टर्स रिस्क लेने के लिए तैयार रहते हैं. अगर कोई गलती हो जाए या असफलता हो तो भी उनके साथी उनका हाथ थाम लेते हैं और कहते हैं कि यह वक्त भी गुजर जाएगा. रश्मि के अनुसार, थिएटर सीखने का सबसे अच्छा माध्यम है जहां हर असफलता के बाद नई शुरुआत होती है.

Actress ने थिएटर कलाकारों के लिए ज्यादा सम्मान की बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “वे ज्यादा इज्जत के हकदार हैं. लोगों को थिएटर और थिएटर एक्टर्स के बारे में और जानना चाहिए. यह काम करने के लिए बहुत खूबसूरत माध्यम है.”

रश्मि देसाई ने अपने थिएटर अनुभव पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उन्होंने इतने लंबे समय बाद थिएटर किया. उन्होंने वैशाली, प्रतिमा, अयूब, ओजस रावल और आसिफ पटेल जैसे सह-कलाकारों और निर्देशकों का आभार व्यक्त किया. रश्मि ने उन्हें कमाल और बेहद पॉजिटिव लोग बताया.

रश्मि देसाई का करियर साल 2006 में ‘रावण’ से शुरू हुआ. इसके बाद ‘परी हूं मैं’ में डबल रोल और ‘उतरन’ से उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली. उन्होंने ‘झलक दिखला जा’, ‘खतरों के खिलाड़ी’, ‘नच बलिये’ जैसे रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया. सलमान खान की फिल्म ‘दबंग 2’ में उनका कैमियो भी याद किया जाता है.

एमटी/एएस