मंदिरों से चढ़ावा चोरी होना शर्मनाक, करोड़ों हिंदुओं की आस्था को पहुंची ठेस: सुरेंद्र राजपूत

Lucknow, 14 जुलाई . उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और ‘एक देश, एक चुनाव’ के मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है तथा महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है.

समाचार एजेंसी से बातचीत में सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में मंदिरों से चढ़ावा चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं न केवल प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक आस्था को भी आहत करती हैं. उनका दावा है कि Government इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है.

राजपूत ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन Government इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम जैसे विषयों को बार-बार उठाती है. उनके अनुसार, Government अपराध रोकने में विफल रही है और जनता के मूल मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय अन्य विषयों को प्रमुखता दे रही है.

‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र Government को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मौजूदा संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था के तहत इस प्रणाली को लागू करना संभव नहीं दिखता.

राजपूत ने कहा कि यदि केंद्र Government वास्तव में पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना चाहती है तो उसे उन सभी राज्यों की Governmentों से इस्तीफा दिलाना चाहिए, जहां भाजपा या उसके सहयोगी दलों की Government हैं. इसके बाद पूरे देश में एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए समय-समय पर ऐसे मुद्दे उठाती है, जिनसे जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाया जा सके. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अब देश की जनता Government की रणनीति को समझ चुकी है और केवल Political बयानबाजी से उसे गुमराह नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि जनता कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, रोजगार और विकास जैसे वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है.

एएस