10 हजार मैट्रिक टन आलू खरीदेगी राज्य सरकार

10 हजार मैट्रिक टन आलू खरीदेगी राज्य सरकार

कोलकाता (Kolkata) , 13 मार्च . पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आलू की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार (State government) जरूरतें पूरी करने के लिए 10 हजार मेट्रिक टन आलू की खरीद करेगी. सोमवार (Monday) को राज्य विधानसभा में कृषि और संसदीय कार्य मंत्री शोभन देव चट्टोपाध्याय ने यह जानकारी दी. नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के एक सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि आलू किसानों को नुकसान ना हो इसलिए राज्य सरकार (State government) ने आलू खरीदने का निर्णय लिया है. इस दौरान आलू किसानों का ऋण माफ करने के लिए भाजपा विधायक लगातार नारेबाजी करते दिखे.

इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने सदन में कहा कि पिछले साल आलू किसानों को फसल बेचकर लाभ हुआ था लेकिन इस बार अधिक आलू की खेती होने के बावजूद किसानों को नुकसान हुआ है. कई किसान ऋण लेकर खेती किए थे लेकिन उनके लागत की भरपाई भी नहीं हो सकी. इसकी वजह से वे ऋण के बोझ तले दब गए हैं. उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए और सरकारी दर पर आलू खरीद की व्यवस्था की जानी चाहिए.

चर्चा में भाग लेते हुए पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि राज्य सरकार (State government) आलू किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 4.5 रुपये प्रति किलो की दर से अच्छी गुणवत्ता का आलू बिका है. पिछले साल 14 से 15 रुपये प्रति किलो की दर से बंगाल के किसानों ने आलू बेचा था. इस साल ऐसा नहीं हो पाया. नौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से आलू फिलहाल बाजार में बिक रहा है. इसके बाद ही कृषि मंत्री ने कहा कि एक आलू किसान को 25 क्विंटल आलू बिक्री की छूट दी गई है. राज्य सरकार (State government) सीधे उनके खाते में पेमेंट करेगी. हालांकि इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या होगा इस बारे में कृषि मंत्री ने कुछ भी नहीं बताया.

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माथे पर आलू लेकर भाजपा विधायकों का विरोध

इधर आलू की समस्या को लेकर बंगाल विधानसभा में भाजपा विधायक ने माथे पर टोकरी में आलू लेकर विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी के चीफ व्हीप मनोज टिग्गा ने अपने सिर पर आलू रखकर विरोध जताया. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में कई आलू किसान कर्ज की वजह से खुदकुशी कर चुके हैं. हालांकि सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से बताया गया कि बंगाल में आलू के कर्ज की वजह से किसी भी किसान की खुदकुशी का मामला सामने नहीं आया है. / ओम प्रकाश