
इस्लामाबाद, 29 जुलाई . Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए Pakistanी सुरक्षा बलों ने भारी बल का इस्तेमाल किया. उनकी कार्रवाई में 40 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने का दावा किया गया है.
यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने Wednesday को रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 27 और 28 जुलाई के बीच रावलाकोट, मीरपुर और अन्य क्षेत्रों में करीब 40 नागरिकों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए और मनमाने ढंग से गिरफ्तार किए गए.
संगठन ने गहरी चिंता जताते हुए दावा किया कि 5 जून से अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, सैकड़ों घायल हुए और सैकड़ों लोगों को Pakistanी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर जबरन लापता किया गया है.
यूकेपीएनपी ने Pakistanी बलों की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, “शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक या गैरकानूनी बल का प्रयोग अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है.”
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की. उसने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, घटनाओं की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की.
इस बीच, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता सरदार अम्मान खान ने Wednesday को आरोप लगाया कि Pakistanी बलों ने पिछले दो दिनों में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की “बेरहमी से हत्या” की है. उन्होंने इस कार्रवाई को “निहत्थे नागरिकों का नरसंहार” करार दिया.
अम्मान खान ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सिर्फ दो दिनों में Pakistanी बलों ने 38 शांतिपूर्ण कश्मीरी प्रदर्शनकारियों की बेरहमी से हत्या कर दी. यह कानून लागू करना नहीं, बल्कि अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे नागरिकों का नरसंहार है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि पीओके में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और Pakistanी प्रशासन शांतिपूर्ण आवाजों का जवाब घातक बल प्रयोग से दे रहा है.
अम्मान खान ने हिंसा तत्काल रोकने, मृतकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने और घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि “निर्दोष नागरिकों की मौत पर दुनिया चुप नहीं रह सकती.”
पीओके में जारी ये प्रदर्शन इस्लामाबाद के लंबे समय से चले आ रहे नियंत्रण को खुली चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं. आरोप है कि इसके जवाब में Pakistanी सुरक्षा बलों ने व्यापक दमन अभियान चलाया है, जिसमें निर्दोष लोगों की हत्याएं की गई हैं, कई घायल हुए हैं और बड़े पैमाने पर उत्पीड़न का दौर जारी है. पूरे क्षेत्र में कई दिनों से कड़ी नाकेबंदी, कर्फ्यू और संचार सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है.
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केआर/
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