
New Delhi, 5 मई . पॉलिटिकल थिंक टैंक ‘लीडरटैंक’ के संस्थापक सदानंद चौधरी ने Tuesday को हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों को ‘लोकतंत्र की ताकत’ बताते हुए कहा कि ये परिणाम जनता के हाथों में सत्ता होने का प्रमाण हैं.
चुनावी परिदृश्य पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने विभिन्न राज्यों में हुए घटनाक्रमों की तुलना की.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में अब एक नए नेता के आने से भारतीय लोकतंत्र की ताकत का पता चलता है.
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में कई कार्यकालों के बाद Political बदलाव की उम्मीद थी. स्पष्ट रूप से, ममता बनर्जी को जाना चाहिए क्योंकि उनके बने रहने का कोई मतलब नहीं था. वह पहले ही तीन कार्यकाल पूरे कर चुकी हैं; उन्होंने जनता को दिखा दिया है कि वह क्या कर सकती हैं. अब किसी अन्य पार्टी को बंगाल के विकास और जनता को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलना चाहिए.
अन्य राज्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने केरल में मतदाताओं के व्यवहार को लोकतांत्रिक विकल्प के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया.
उन्होंने कहा कि यदि आप केरल के परिणाम देखें, तो यह फिर से दिखाता है कि केरल इतना विकसित और साक्षरता दर में उच्च क्यों है. हालांकि सभी लोग केरल Government को उच्च साक्षरता दर और विकास के कारण विकास का एक अच्छा मॉडल मानते हैं. फिर भी, लोगों ने Government बदल दी ताकि किसी अन्य व्यक्ति को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सके. आदर्श रूप से लोकतंत्र इसी तरह काम करना चाहिए.
चौधरी ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहता कि हर बार Government बदलनी चाहिए, कभी-कभी अच्छे काम करने वालों की सराहना करना जरूरी होता है. लेकिन अगर आपको लगता है कि वे कुछ नया करने का वादा नहीं कर रहे हैं, तो उस Government को बदल दें और किसी दूसरे व्यक्ति को मौका दें ताकि वे अपनी क्षमता दिखा सकें.
असम की ओर मुड़ते हुए उन्होंने कहा कि इन तीन राज्यों को छोड़कर, बाकी चुनाव सामान्य थे. जाहिर है, असम में भाजपा को बड़ा फायदा हुआ है, लेकिन उसके पास कोई संदेश नहीं है.
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एमएस/
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