‘पायलट’ गहलोत के क्यों बने ’पायलट’, जाने परदे के पीछे की असली कहानी

उदयपुर (Udaipur). वल्लभनगर विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में पूर्व उप मुख्यमंत्री (Chief Minister) सचिन पायलट के स्टीयरिंग संभालने के तस्वीर के परदे पीछे की कहानी सामने आई जो बड़ी दिलचस्प है. असल में उस तस्वीर के पीछे बड़ा कारण था जिसे पायलट के कहने पर गहलोत ने माना और बाद में पायलट ने स्टीयरिंग संभाल ली.

दरअसल उदयपुर (Udaipur) जिले के वल्लभनगर विधानसभा में उपखंड मुख्यालय पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रीति शक्तावत के समर्थन में सभा को संबोधित करने के लिए मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), प्रदेश प्रभारी अजय माकन, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा हेलीकॉफ्टर से साथ ही आए थे. जब हेलीपैड से सभा स्थल पर जाने के लिए चारों नेता एक गाड़ी में सवार हुए तो गाड़ी फ्रंट सीट पर मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) बैठे, जबकि पीछे वाली सीट ओर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन और सचिन पायलट बैठ गए.

गाड़ी में पीछे वाली सीट पर सिर्फ दो लोग बैठ सकते थे. वही गाड़ी को चालक चला रहा था. ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पीछे की गाड़ी में बैठ गए. कुछ दूर चलने पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गहलोत से कहा कि पीसीसी चीफ अलग गाड़ी में रहेंगे तो ठीक संदेश नहीं जाएगा, उनको भी इधर बुला लेते मै गाड़ी चला लेता हूं. गहलोत ने पायलट की बात मान ली. फिर क्या डोटासरा भी इसी गाड़ी में माकन के साथ पीछे की सीट पर सवार हो गए और आगे गहलोत के पास पायलट ने स्टीयरिंग संभाल ली. इसकी पुष्टि भी इस गाड़ी में सवार एक नेता ने की है.

उल्लेखनीय है कि जयपुर (jaipur)से ही हेलीकॉफ्टर से गहलोत, माकन, पायलट व डोटासरा साथ ही आए थे. माकन व गहलोत ने हेलीकॉफ्टर में सवार होने के बाद उसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया (Media) पर शेयर की थी.

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