
रांची, 6 अगस्त . Jharkhand हाईकोर्ट ने Thursday को कहा कि Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष का पद रिक्त नहीं रखा जा सकता. अदालत ने राज्य Government से यह बताने को कहा कि आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब तक की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ वन विभाग में अधिकारियों और कर्मियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने अदालत को बताया कि वन विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
उन्होंने कहा कि असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (एसीएफ) और रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (आरएफओ) के पदों के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पूरी हो चुकी है. मुख्य परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया है और शारीरिक दक्षता परीक्षा की तिथि भी घोषित की जा चुकी है. हालांकि, जेपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे और आयोग से जुड़ी चल रही जांच के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है.
इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जेपीएससी एक संवैधानिक संस्था है और उसके अध्यक्ष का पद लंबे समय तक खाली नहीं रखा जा सकता. अदालत ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह राज्य Government से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश लेकर अगली सुनवाई में बताएं कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब तक की जाएगी.
सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि वन विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. अदालत ने इस संबंध में राज्य Government और आयोग से प्रगति रिपोर्ट भी मांगी.
बता दें कि Jharkhand हाईकोर्ट वन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के बड़ी संख्या में रिक्त पदों के कारण वन संरक्षण और प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहे असर को देखते हुए स्वत: संज्ञान लेकर मामले की निगरानी कर रहा है. अदालत पहले भी राज्य Government को रिक्त पदों पर समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुकी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी.
–
एसएनसी/डीकेपी
Skip to content