
कोलकाता, 24 मई . भारतीय जनता पार्टी ने Sunday को तृणमूल कांग्रेस के डायमंड हार्बर मॉडल के फेल होने का जश्न मनाया. फाल्टा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा दोबारा हुई वोटिंग की गिनती के 19 राउंड पूरे होने के बाद आगे चल रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि कुल मिलाकर 21 राउंड की गिनती होनी है और 19वें राउंड के पूरा होने के बाद भाजपा उम्मीदवार को 1,37,473 वोट मिले थे.
पार्टी ने इस रुझान का श्रेय पश्चिम बंगाल में Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व और सुवेंदु अधिकारी के Political प्रभाव के कारण भाजपा के लिए बढ़ रहे मतदाताओं के समर्थन को दिया.
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर एक पोस्ट में एक वीडियो शेयर किया, जिसमें भाजपा समर्थक पूरे जोश के साथ जश्न मनाते, पार्टी के झंडे लहराते, नारे लगाते और खुशी मनाते दिख रहे थे. गिनती के रुझानों में देबांग्शु पांडा सीपीआई (एम) उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी, कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान से आगे चल रहे थे.
भंडारी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल फेल, ‘भतीजों’ का घमंड टूटा. सुवेंदु दा के नेतृत्व में और पीएम मोदी के विजन से प्रेरित होकर, बंगाल की जनता ने फाल्टा में भाजपा को चुना.
डायमंड हार्बर Lok Sabha क्षेत्र में 21 मई को फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा वोटिंग हुई थी. इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अभिषेक बनर्जी करते हैं. बताया गया है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई इस वोटिंग में मतदाताओं ने भारी संख्या में हिस्सा लिया.
Sunday सुबह 8 बजे गिनती शुरू होने के बाद से ही यही रुझान बना रहा. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर बने रहे और उन्हें सिर्फ 5,914 वोट मिले.
Sunday को दिखे ये रुझान फाल्टा के पिछले नतीजों से बिल्कुल अलग हैं, चाहे वे 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे हों या 2024 के Lok Sabha चुनाव के. 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के शंकर कुमार नश्कर फाल्टा से 41,000 वोटों के अंतर से चुने गए थे. फाल्टा, डायमंड हार्बर Lok Sabha क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है.
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर सीट का तीन बार प्रतिनिधित्व किया है. हाल ही में इस सीट से चुनाव लड़ने से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मना कर दिया था. इसके बाद से भाजपा के लिए इस सीट पर जीत हासिल करने का रास्ता काफी आसान हो गया था.
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डीकेएम/
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