
श्रीनगर, 30 जुलाई . जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल बाद पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेजी से विस्तार हुआ है. यहां की हसीन वादियों में इन दिनों दिल्ली, Gujarat, सहित अन्य राज्यों से पर्यटक फुर्सत के पल बिता रहे हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पर्यटकों की संख्या 2020 में लगभग 25.24 लाख से बढ़कर 2021 में 1.13 करोड़, 2022 में 1.85 करोड़, 2023 में 2.07 करोड़ और 2024 में रिकॉर्ड 2.36 करोड़ हो गई. 2025 में, केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 1.78 करोड़ पर्यटक आए.
पर्यटन क्षेत्र में बढ़ोतरी से इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी बढ़ावा मिला है. उपGovernor मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले छह वर्षों में कई नए होटल और गेस्ट हाउस बनाए गए हैं, जबकि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 20,000 से अधिक पर्यटक वाहन जोड़े गए हैं.
कई पर्यटकों ने से बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए. पर्यटकों ने बताया कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा की स्थिति ने कश्मीर आने के लिए प्रोत्साहित किया है.
टूरिज्म सेक्टर से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार बढ़ती मांग के कारण हुआ. कोविड-19 महामारी के कारण हुए नुकसान के बाद पर्यटकों की संख्या में जोरदार वापसी हुई, और 2022, 2023 और 2024 इस सेक्टर के लिए बहुत अच्छे साल साबित हुए. पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी से होटल, गेस्ट हाउस, होमस्टे और ट्रांसपोर्ट सेवाओं में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ.
उन्होंने माना कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने कुछ समय के लिए टूरिज्म को प्रभावित किया और इस सेक्टर में निवेश करने वालों के बीच चिंता पैदा की. हालांकि, इस साल इंडस्ट्री ने वापसी की और मई के बाद से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई. उनके अनुसार, मई, जून और जुलाई के महीनों में पर्यटकों की अच्छी संख्या देखी गई, जो यात्रियों के बीच नए सिरे से विश्वास और कश्मीर की टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है.
एक महिला पर्यटक ने कहा कि मैं Gujarat से कश्मीर दूसरी बार आई हूं. पिछली बार 2022-23 में आई थी. पिछली बार हम लोगों को इतना सपोर्ट नहीं मिला था. इस बार स्थिति बेहद अच्छी है. यहां के लोग हमें मंदिर और अन्य जगह दिखा रहे हैं. इस बार का अनुभव बहुत अच्छा है. पिछले साल के मुकाबले इस बार का अनुभव बहुत अच्छा है. आर्मी की सुरक्षा बहुत अच्छी है.
एक पर्यटक ने कहा कि मैं 2010 में पहली बार अमरनाथ यात्रा में आया था. उस समय की तुलना में काफी बड़ा बदलाव आया है. कश्मीर अन्य राज्यों की तरह है. कोई परेशानी की बात नहीं है. लोकल सपोर्ट भी अच्छा है.
होटल व्यवसायी रऊफ ने कहा कि यहां होटल, होम स्टे में बढ़ोत्तरी हुई है, क्योंकि मांग बढ़ गई है. पहलगाम घटना के बाद स्थिति खराब थी. हम व्यवसाय से जुड़े हैं तो हमारी चिंता बहुत बढ़ने लगी. लेकिन, इस साल मई महीने के बाद पर्यटन सीजन में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है.
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डीकेएम/एबीएम
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