“संतुलित जीवन की और कदम बढ़ाना समय की आवश्यकता”

अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना-गृह विज्ञान, अनुसंधान निदेशालय ,महाराणा प्रताप कृषि एवम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयउदयपुर (Udaipur), केंद्रीय महिला कृषि संस्थान, भुबनेश्वर ,उड़ीसा, महिला भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जतन संस्थान उदयपुर (Udaipur). ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण- राजस्थान, राजस्थान (Rajasthan)कृषि विभाग, उदयपुर (Udaipur) डिवीज़न  के संयुक्त तत्वावधान में 5 जुलाई से 17 अगस्त तक मनाये जाने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रमआजादी का अमृत महोत्सव के तहत   आयोजित की गई सात दिवसीय  व्याख्यान श्रंखला के प्रारम्भ में प्रथम दिन पहला सुख :निरोगी काया"विषयक व्याख्यान संपन्न हुआ. 

कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. सुधा बाबेलप्रोफेसर और इकाई  समन्वयकअखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनागृह विज्ञान द्वारा दिए गए स्वागत उद्बोधन से हुआ. आपने राष्ट्र  स्तरीय चलाये जा रहे कार्यक्रम को प्रासंगिक बताते हुए प्रतिभागियों से  अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया ताकि एक मंच पर उपलब्ध विषय विशेषज्ञों के ज्ञान का लाभ उठा सकें.

 आयोजन सचिव एवम संचालिका डॉ. गायत्री तिवारी, एसोसिएट प्रोफेसर व विभागाध्यक्षमानव विकास तथा पारिवारिक अध्य्यन विभाग ने कार्यक्रम के शीर्षक “संतुलित जीवन की और बढ़ते कदम”की व्याख्या करते हुए बताया की जिस प्रकार संतुलित भोजन स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है,उसी तरह संतुलित जीवन हेतु व्यक्ति के लिया तन,मन,धन,जन का समानुपातिक संतुलन आवश्यक है,तभी जीवन रुपी अमृत के पान का सौभाग्य प्राप्त होगा.आपने बताया की इस दौरान दो सत्रों का आयोजन किया गया जिसमें राज्य भर से कुल 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया. प्रथम सत्र की मुख्या वक्ता डॉ.स्मिता माथुर,खाद्य एवम  पोषण विशेषज्ञ ने निरोगी काया के लिए संतुलित आहार अनिवार्य बताया और कहा की  जीवन भर संतुलित  आहार सामान्य वृद्धिविकास और उम्र को बढाने में सहायक होता है,स्वस्थ शरीर के वांच्छित वजन को बनाए रखने में मदद करता है. यह एक ऐसा आहार है जो आपके शरीर को ठीक से काम करने में मदद करने के लिए पोषक तत्व प्रदान करता है. संतुलित आहार द्वारा  शरीर के लिए आवश्यक सभी आवश्यक पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए एक स्वस्थ जीवन प्राप्त किया जा सकता है.एक उचित भोजन योजना आदर्श शरीर के वजन को प्राप्त करने और मधुमेहहृदय और अन्य प्रकार के कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करती है. आहार का महत्व कैलोरी की सही मात्रा के सेवन में निहित है. आपके शरीर को सही पोषण तब मिलता है जब आप कैलोरी से भरपूर विभिन्न प्रकार के भोजन जैसे ताजे फल और सब्जियांसाबुत अनाज और प्रोटीन का सेवन करते हैं.

द्वितीय सत्र की वक्ता डॉ.सुमित्रा मीणा,असिस्टेंट प्रोफेसर,खाद्य विज्ञान एवम  पोषण विभाग ने रोग प्रितीराक्षक भोजन की आवश्कता और महत्त्व पर सारगर्भित जानकारी देते हुए कोविड का उदाहरण दिया.आपने कहा की  जब हमें खुद को बाहर से वायरस से बचाना होता है, तो हमें प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके अपने शरीर के भीतर से शुरुआत करके खुद को बचाने की जरूरत होती है. प्रतिरक्षा प्रणाली वास्तव में जटिल है और हमारे आसपास के वातावरण से काफी हद तक प्रभावित होती है.ऐसे कई कारक हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज को प्रभावित करते हैं.एक स्वस्थ जीवन शैली में पौष्टिक भोजन करना, स्वच्छ आदतों का अभ्यास करना, नियमित रूप से चलना और व्यायाम करना, अच्छा भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना और पर्याप्त नींद लेना शामिल है.यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये कारक प्रतिरक्षा को विनियमित करने और बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्रश्नोतरी पश्चात डॉ. हेमू राठौड़एसोसिएट प्रोफेसरअखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना -गृह विज्ञानमानव संसाधन प्रबंधन और उपभोक्ता विज्ञान विभागद्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया.

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