बोबड़ी माता के सामने मुगल सेना हो गई थी मूकबधिर

उदयपुर (Udaipur). पाणुन्द -भीण्डर मार्ग की ओर बोबड़ी गांव के गोमती नदी के किनारे पहाड़ी पर गुफ ा में स्थित हैं बोबड़ी माताजी का शक्तिपीठ. यह शक्तिपीठ मूकबधिर बच्चों को ठीक करने के लिए जाना जाता है. किवदंती है कि मुगल शासन के समय मेवाड़ से गुजर रही मुगल सेना जब इस शक्तिपीठ के निकट पहुंची तो सभी सैनिकों को दिखना, सुनना और बोलना बंद हो गया. सेनापति ने मातारानी के दर्शन कर मन्नत मांग नुकसान नहीं करने का प्रण लेने पर सभी सैनिक ठीक हो गए. इसके बाद से मातारानी का नाम बोबड़ी माता हो गया और गांव का भी.

पाणुन्द से भीण्डर रोड पर बोबड़ी गांव से आगे निकलते ही बोबड़ी माता का शक्तिपीठ है. गोमती नदी के किनारे सामने स्थित पहाड़ी पर स्थित गुफ ा में है. जिसमें कुछ वर्षों पहले पहाड़ी पर दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ता था. लेकिन पिछले 8-10 वर्षों में मन्दिर समिति, ग्राम पंचायत आदि ने मिलकर विकास कार्य करते हुए मन्दिर तक सीढिय़ां रुकने के लिए कमरे, गुफ ा के आसपास भी विकास कार्य करवाया हैं. यहां आसपास क्षेत्र से श्रद्धालु मन्नतें करने के लिए पहुंचते हैं और मूकबधिर-बहरापन जैसे रोगों का निधान करने के लिए भी शक्तिपीठ की खास पहचान हैं. मन्दिर के आगे से बहकर जाती गोमती नदी का नजारा मनमोहक है, जहां बारिश के मौसम में पर्यटक आकर आनंद लेते हैं.

 

Check Also

बच्चों के पोषाहार में राशन कम, कीड़े मिले ज्यादा

उदयपुर (Udaipur). कुराबड़ ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय आवरा में स्कूली बच्चों को मिड-डे-मील …