दिल्ली के जिमखाना क्लब का सफर खत्म: सुरक्षा कारणों से 5 जून को परिसर वापस लेगी सरकार

New Delhi, 23 मई . लुटियंस दिल्ली के केंद्र में स्थित राजधानी का प्रतिष्ठित ‘दिल्ली जिमखाना क्लब’ कभी शाही दौर में रसूखदार और प्रभावशाली लोगों का पसंदीदा ठिकाना हुआ करता था. अब केंद्र Government द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा उद्देश्यों के लिए इसे वापस लिया जाएगा. यह जानकारी Saturday को उपलब्ध कराए गए एक आधिकारिक दस्तावेज में दी गई है.

क्लब मैनेजमेंट को बेदखली के लिए जारी एक नोटिस में कहा गया है कि यह तय किया गया है कि दिल्ली के एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक इलाके में स्थित यह जगह, रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा के अन्य जरूरी कामों के लिए बेहद जरूरी है.

उप-भूमि एवं विकास अधिकारी सुचित गोयल द्वारा 22 मई को क्लब को नोटिस जारी किया गया था. इसमें क्लब की जनरल कमेटी और सेक्रेटरी को बताया गया कि 2 सफदरजंग रोड पर स्थित मौजूदा 27.3 एकड़ की जगह, जो 7 लोक कल्याण मार्ग पर Prime Minister के सरकारी आवास के पास है, 5 जून को Government अपने कब्जे में ले लेगी.

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने नोटिस में कहा कि क्लब की जमीन इसलिए वापस ली जा रही है क्योंकि यह जरूरी संस्थागत जरूरतों, शासन के इंफ्रास्ट्रक्चर और जनहित के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए जरूरी है, जिन्हें आसपास की सरकारी जमीनों को वापस लेने के काम के साथ जोड़ा गया है.

क्लब के सेक्रेटरी को संबोधित नोटिस में कहा गया कि आपको निर्देश दिया जाता है कि आप बताई गई तारीख को इस दफ्तर के प्रतिनिधियों को इस जगह का शांतिपूर्ण कब्जा सौंप दें. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो कानून के मुताबिक कब्जा ले लिया जाएगा.

नोटिस में लीज डीड के क्लॉज 4 का जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया है कि अगर जमीन किसी सार्वजनिक काम के लिए जरूरी हो तो लीज देने वाले के पास उस जगह में दोबारा प्रवेश करने का अधिकार होता है. इन्हीं अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए India के President ने भूमि और विकास कार्यालय के जरिए लीज को खत्म कर दिया है और प्रॉपर्टी में तुरंत दोबारा प्रवेश करने का आदेश दिया है.

नोटिस में कहा गया कि जमीन का पूरा हिस्सा उस पर बनी सभी इमारतों, ढांचों, लॉन और फिटिंग्स के साथ लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस के जरिए पूरी तरह से President के अधिकार में आ जाएगा.

दिल्ली जिमखाना क्लब India के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित संभ्रांत सामाजिक संस्थानों में से एक है. जुलाई 1913 में स्थापित, इसकी मशहूर लुटियंस-डिजाइन वाली मुख्य इमारतें शीर्ष नौकरशाहों, राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों के लिए एक मुख्य मिलन स्थल के तौर पर काम करती हैं.

यह क्लब अपने मौजूदा पते पर 1930 के दशक की शुरुआत में बनाया गया था. इस इमारत को बनाने का ठेका आर्किटेक्ट रॉबर्ट टी रसेल को दिया गया था. उनकी बनाई दो अन्य इमारतें भी शहर की पहचान बन गईं. कनॉट प्लेस और कमांडर-इन-चीफ का निवास, जिसे बाद में Prime Minister जवाहरलाल नेहरू के निवास ‘तीन मूर्ति भवन’ के नाम से जाना गया.

इस एलीट क्लब में परमानेंट सदस्यों की संख्या की एक सीमा तय है, जो लगभग 5,600 है. हर साल, सदस्यता छोड़ने या मौजूदा सदस्यों के निधन से खाली हुई जगहों को भरने के लिए लगभग 100 नए परमानेंट सदस्यों को शामिल किया जाता है.

इस खास क्लब में सदस्य बनने के इच्छुक लोगों की वेटिंग लिस्ट काफी लंबी होती है. इनमें से कुछ लोगों को तो 40 साल से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ता है. जहां एक ओर सरकारी और रक्षा कर्मियों के लिए सदस्यता में एक कोटा तय है, वहीं निजी या आम नागरिक श्रेणी के इच्छुक सदस्यों को वेटिंग लिस्ट में अपनी जगह पक्की करने के लिए 7 लाख रुपए से ज्यादा की आवेदन फीस जमा करनी पड़ती है.

डीकेएम/डीकेपी