सिर्फ राजनीतिक प्रासंगिकता के लिए तेजस्वी कर रहे मार्च, छात्रों के मुद्दे सुलझ चुके हैं : संजय झा

Patna, 18 अगस्त . जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार Government ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए हैं. बिहार के Chief Minister के स्पष्ट निर्देश पर छात्रों से जुड़े मामलों और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को भी खत्म किया गया है.

संजय झा ने सिवान में एके-47 से गोली चलाने की घटना को लेकर कहा कि बिहार Government ने मामले में तत्काल कार्रवाई की. घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को निलंबित किया गया है और उसके खिलाफ जांच चल रही है. ऐसे में जांच पूरी होने से पहले उस मामले की पृष्ठभूमि में जाकर राजनीति करना उचित नहीं है.

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी घटना का होना अलग बात है, लेकिन घटना के बाद Government की मंशा और उसकी कार्रवाई को भी देखना चाहिए. Government ने तत्काल स्तर पर जो कार्रवाई संभव थी, वह Chief Minister के निर्देश पर की गई.

राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए जदयू नेता ने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि तेजस्वी यादव ‘पार्ट-टाइम पॉलिटिक्स’ करते हैं. जब छात्रों से जुड़ा यह मुद्दा सामने आया था, उस समय तेजस्वी यादव देश में भी नहीं थे. उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव को छात्रों के पेपर लीक जैसे मुद्दों से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है और वह केवल अपनी Political उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मार्च कर रहे हैं.

संजय झा ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दे अब सुलझ चुके हैं. परीक्षा हो चुकी है और परिणाम भी आ चुका है. ऐसे में आंदोलन जारी रखने का औचित्य समझ से परे है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि तेजस्वी यादव को अपनी पार्टी की स्थिति को लेकर चिंता करनी चाहिए. उनकी पार्टी बिखरने की स्थिति में है और पार्टी उनके नियंत्रण में नहीं रह गई है.

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए Government को जो जनसमर्थन दिया है, उसके आधार पर Government निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है. जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए Government आगे बढ़ रही है. विपक्ष को यह काम दिखाई नहीं देता, क्योंकि ये विषय कभी उनकी प्राथमिकताओं में नहीं रहे.

रांची में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए संजय झा ने कहा कि यदि परीक्षा में धांधली या पेपर लीक की बात सामने आती है तो छात्रों का विरोध स्वाभाविक है. परीक्षा पूरी तरह लीक-प्रूफ और फुल-प्रूफ होनी चाहिए. सालभर मेहनत करने वाले छात्र के लिए परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की खबर उसके और उसके परिवार के लिए बड़ा आघात होती है, इसलिए कोई भी इसका समर्थन नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 20-22 वर्षों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली हुई है. यदि छात्रों की कोई समस्या है तो आंदोलन करना उनका अधिकार है और Government की जिम्मेदारी है कि वह उसका समाधान निकाले. संजय झा ने कहा कि संबंधित Government ने जांच के आदेश दिए हैं. जांच में जो परिणाम सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.

एमएनपी/एसके