चुनाव के बाद होने वाली हिंसा के इतिहास को खत्म किया जाना चाहिए : समिक भट्टाचार्य

कोलकाता, 3 मई . पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने Sunday को फलता में दोबारा मतदान और चुनाव के बाद होने वाली संभावित हिंसा को लेकर पार्टी की तैयारियों पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस जो करना चाहती है करे, लेकिन चुनाव आयोग का फैसला अंतिम है.

समिक भट्टाचार्य ने से बात करते हुए कहा, “टीएमसी एक Political पार्टी है; वे भी कुछ न कुछ करेंगे, उन्हें करने दीजिए. फलता में चुनाव आयोग ने कहा था कि दोबारा मतदान होगा और वह हो रहा है. फलता की हिंदू महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं.”

चुनाव के बाद हिंसा के इतिहास को लेकर समिक भट्टाचार्य ने चिंता जताई और इसे समाप्त करने की अपील की. उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से तैयार है. हमारे पास काउंटिंग एजेंट होंगे, और न केवल हमारे कार्यकर्ता, बल्कि पूरा समाज, पश्चिम बंगाल के सभी लोग; हमने सबसे यह अपील की है कि चुनाव के बाद होने वाली हिंसा के इतिहास को खत्म किया जाना चाहिए. इस कल्चर को रोका जाना चाहिए. पूरा देश बदल चुका है. बिहार और उत्तर प्रदेश में चुनाव होते हैं, ऐसे हाई-वोल्टेज चुनाव, लेकिन वहां ऐसा नहीं होता.”

भट्टाचार्य ने इस बार के चुनाव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार इतना शांतिपूर्ण चुनाव हुआ है. फिर भी उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ‘चुनाव के बाद की हिंसा’ की सबसे बड़ी शिकार रही है.

उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा, “पिछली बार, 2021 में 2 मई को, महज 27 दिनों के अंदर भाजपा के 56 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी. 2016 से लेकर अब तक हमारे 311 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है.”

तृणमूल कांग्रेस द्वारा दी जा रही चुनौतियों पर समिक भट्टाचार्य ने व्यंग्य करते हुए कहा, “क्या आपको लगता है कि हमें हर चुनौती पर टिप्पणी करनी चाहिए? अगर हम माइक टायसन को बॉक्सिंग मैच के लिए चुनौती दें, तो क्या वह हमारी चुनौती स्वीकार करेंगे? हम उनसे पूछेंगे. यह संभव नहीं है. हमने पहले भी कई चुनौतियां स्वीकार की हैं. तृणमूल कांग्रेस अब बस ‘शैडो प्रैक्टिस’ कर रही है. वे जो चाहें कह सकते हैं. जो होना था, वह हो चुका है.”

एससीएच