
देहरादून, 26 मई . उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. ऐसी स्थिति में प्रशासन की ओर से यही कोशिश की जा रही है कि इस यात्रा में आने वाले श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की सममस्या का सामना नहीं करना पड़े. इस संबंध में प्रशासन की ओर से पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है और मौजूदा समय में उसी के अनुरूप काम करने की कोशिश की जा रही है.
इसी कड़ी में केदारनाथ यात्रा के दौरान दो यात्रियों की तबीयत अचानक खराब हो गई. इसके बाद प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया. जहां दोनों का इलाज जारी है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हमारी कोशिश यही है कि किसी भी यात्री को कोई दिक्कत नहीं हो और अगर किसी भी यात्री को कोई दिक्कत होगी, तो फौरन हमारी तरफ से कदम उठाने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी.
बिहार से आए श्रद्धालु अरविंद कुमार का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद फौरन प्रशासन की तरफ से उसे विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया. डीडीआरएफ, एनडीआरएफ और एस़डीआरएफ की संयुक्त टीम ने मरीज को फौरन अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल उसका उपचार जारी है. प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया जा चुका है कि मरीज के उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए. मरीज के उपचार में हर प्रकार की मदद प्रशासन की ओर से मुहैया कराई जाएगी.
वहीं, दूसरे मामले में Maharashtra के लातूर की रहने वाली श्रद्धालु मनीषा को सांस लेने में तकलीफ हुई. इसके बाद उसे फौरन विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उसका इलाज जारी है.
बता दें कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को शुरू हुई. इस दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट सबसे पहले खुले. इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए. वर्तमान में चारधाम यात्रा पूरे जोरों पर चल रही है और लाखों श्रद्धालु इन पवित्र धामों के दर्शन कर रहे हैं.
यात्रा सामान्यतः अक्टूबर-नवंबर तक चलती है, जब मौसम खराब होने के कारण धामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम शामिल हैं. यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है.
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एसएचके/पीएम
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