सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार करके निभाया वादा: शिक्षा मंत्री संदीप सिंह

गोरखपुर, 5 मई . उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी Government ने शिक्षामित्रों से किया वादा निभाते हुए उनका मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया है. उन्होंने इसे शिक्षामित्रों के सम्मान और उनके योगदान की सरकारी स्वीकृति बताते हुए कहा कि प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने में उनकी भूमिका बेहद अहम है.

गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 में 3,500 रुपए मानदेय को बढ़ाकर 10,000 रुपए किया गया था और अब इसे बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दिया गया है और इसके लिए लगभग 230.11 करोड़ रुपए की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है, ताकि भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित हो सके.

मंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के त्याग, समर्पण और सेवा के प्रति प्रदेश Government की कृतज्ञता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि गांव-गांव में ज्ञान की अलख जगाने में शिक्षामित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और Government उनके सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है.

संदीप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग में हुए व्यापक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत प्रदेश के विद्यालयों में 19 मानकों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. इसके अंतर्गत पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लगभग पूर्ण किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिससे सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच का शैक्षिक अंतर कम हुआ है. डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं. इसके अलावा 2.61 लाख से अधिक टैबलेट शिक्षकों को वितरित किए गए हैं.

बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है, जिससे छात्राओं की शिक्षा अब निरंतर जारी रह सके. साथ ही विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, बैग और स्टेशनरी के लिए 1,200 रुपए की डीबीटी सहायता सीधे खातों में भेजी जा रही है.

उन्होंने ‘स्कूल चलो अभियान’ का जिक्र करते हुए बताया कि 1 से 15 अप्रैल 2026 तक चले विशेष नामांकन अभियान में 20 लाख से अधिक नए विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ, जो Government की शिक्षा नीति की सफलता को दर्शाता है. मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहें, क्योंकि वे ही नई पीढ़ी के भविष्य के निर्माता हैं और प्रदेश के विकास की आधारशिला हैं.

विकेटी/डीकेपी