सरकार ड्रोन्स के लिए मांग का ढांचा तैयार कर इस क्षेत्र को प्रोत्साहन दे रही है: उड्डयन मंत्री सिंधिया


नई दिल्ली (New Delhi) . नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की भूमिका बदल गई है. ड्रोन के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के एक नए दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि सरकार सुविधा प्रदाता का काम कर रही है, न कि एक नियामक का रोल निभा रही है. फिक्की द्वारा आयोजित ‘ड्रोन फॉर पब्लिक गुड- मास अवेयरनेस प्रोग्राम’ पर सत्र को संबोधित करते हुए, सिंधिया ने कहा कि प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है और ड्रोन तकनीक हाशिये पर रहने वालों को विकास के केंद्र में लाएगी. उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से लोगों को जोड़ने में ड्रोन अहम भूमिका निभाते हैं. सिंधिया ने कहा कि एक देश के रूप में भारत आमतौर पर नवाचार या प्रौद्योगिकी के विकास का अनुयायी रहा है. नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा, यह पहली बार है जब हम इस क्षेत्र में लीडर बनने की सोच रहे हैं. नए ड्रोन नियमों में ड्रोन के लिए पीएलआई योजना शामिल है और घरेलू विनिर्माण के नए उद्योग को इनसे काफी बढ़ावा मिल रहा है. सिंधिया ने कहा, “इस क्षेत्र के लिए 40 प्रतिशत मूल्यवर्धन सीमा नई शुरुआत करने के लिए एक अनूठा लाभ देती है.” उन्होंने आगे उल्लेख किया कि किसी भी तकनीक को सफल होने के लिए तीन चरणों की आवश्यकता होती है- नीति संरचना, फंडिग से प्रोत्साहन और मांग संरचना. उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार की स्वामित्वा (ग्रामों का सर्वेक्षण और ग्राम क्षेत्रों में बेहतर प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) योजना हजारों गांवों का नक्शा बनाने के लिए ड्रोन का उपयोग करने की योजना बना रही है जो भारत के ड्रोन उद्योग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी.

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