सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत देश के 773 जिलों में की 1,244 उत्पादों की पहचान

New Delhi, 24 जुलाई . केंद्र Government ने Friday को बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी)’ योजना के तहत देश के 773 जिलों में कुल 1,244 उत्पादों की पहचान की गई है. इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पाद को बढ़ावा देकर स्थानीय उद्योग, रोजगार और निर्यात को मजबूती देना है.

राज्यसभा में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि जमीनी स्तर पर निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट्स ऐज एक्सपोर्ट हब्स’ पहल के तहत 734 जिलों में संभावित उत्पादों और सेवाओं की पहचान की गई है.

उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और आपूर्ति शृंखला से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्टेट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी (एसईपीसी) और डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी (डीईपीसी) का गठन किया गया है. इसके अलावा 249 डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान (डीईएपी) संबंधित समितियों द्वारा अपनाए जा चुके हैं, ताकि उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी मूल्य शृंखला को सुव्यवस्थित किया जा सके.

Government ने बताया कि ओडीओपी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर एक विशेष ओडीओपी स्टोरफ्रंट बनाया गया है, जहां 500 से अधिक ओडीओपी प्रोडक्ट कैटेगरी के तहत 1,300 से ज्यादा उत्पाद खरीद के लिए उपलब्ध हैं.

इसके अलावा, 10 से अधिक राज्यों ने ओडीओपी उत्पादों के विपणन (मार्केटिंग) और बिक्री के लिए अपने समर्पित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी विकसित किए हैं. ओडीओपी उत्पादों को राष्ट्रीय प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और अन्य प्रचार कार्यक्रमों में भी प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे कारीगरों और उत्पादकों को खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है.

Government ने बताया कि ओडीओपी उत्पादों की पहचान बढ़ाने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी, विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से क्षमता निर्माण कार्यक्रम और जेम-ओडीओपी बाजार पर ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग अभियान जैसे कई कदम उठाए गए हैं.

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की यह पहल प्रत्येक जिले से कम से कम एक विशिष्ट उत्पाद का चयन, ब्रांडिंग और प्रचार करने पर आधारित है. इन उत्पादों का चयन संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश Governmentें करती हैं.

Government ने बताया कि स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट (एसएएससीआई) योजना के तहत राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों को पीएम एकता मॉल (यूनिटी मॉल) स्थापित करने के लिए 50 वर्ष की ब्याज मुक्त ऋण सुविधा के रूप में 200 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है. इन मॉल्स में ओडीओपी, जीआई टैग और स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा.

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की Prime Minister सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना भी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में ओडीओपी मॉडल को अपनाती है. इस योजना के तहत पात्र परियोजनाओं को 35 प्रतिशत क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख रुपए), स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को सीड कैपिटल, उद्यमिता विकास कार्यक्रमों और उत्पाद-विशिष्ट प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण, साझा बुनियादी ढांचे और इन्क्यूबेशन सेंटर की सुविधा तथा ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकीकरण और खाद्य सुरक्षा अनुपालन के लिए सहायता प्रदान की जाती है.

Government के अनुसार, पीएमएफएमई योजना के ब्रांडिंग और मार्केटिंग घटक के तहत सामान्य ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकीकरण और खाद्य सुरक्षा अनुपालन के लिए 50 प्रतिशत अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है.

डीबीपी