जब तक गृहराज्यमंत्री इस्तीफा नहीं देगा, लड़ाई जारी रहेगी-प्रियंका गांधी

वाराणसी (Varanasi) . कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने रविवार (Sunday) को वाराणसी (Varanasi) में किसान न्याय रैली में भाजपा की केन्द्र और राज्य दोनों सरकारों पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस पार्टी को किसानों का सच्चा हितैषी करार देते हुए उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी मामले में जब तक गृहराज्यमंत्री (अजय मिश्रा) का इस्तीफा नहीं होता, हम लड़ते रहेंगे. प्रियंका ने कहा कि पीएम मोदी ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को ‘आंदोलनजीवी’ और आतंकवादी कहा. योगी जी ने उन्हें गुंडे कहा और उन्हें धमकाने की कोशिश की. वही मंत्री (अजय कुमार मिश्रा) ने कहा कि वह दो मिनट के भीतर विरोध करने वाले किसानों को सुधार देंगे. प्रियंका ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ, उसे पूरे देश ने देखा है. गृहराज्यमंत्री के बेटे ने छह किसानों को निर्ममता से कुचल दिया. छह के छह परिवार कहते हैं कि हमें पैसे नहीं चाहिए, मुआवजा नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) से एक प्रकार से उप्र विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)ों के प्रचार की शुरुआत करते हुए कांग्रेस महासचिव एवं उप्र प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि न्याय दिलवाने वाली यह सरकार नहीं दिख रही है. पूरी सरकार मंत्री और उनके बेटे को बचाने में लगी रही. पूरा प्रशासन विपक्ष को रोकने में लगा रहा. पीड़ित परिवारों को भी नजरबंद किया गया. अपराधियों को नहीं पकड़ा गया. अपराधियों को निमंत्रण भेजा कि आइये हमसे बात कीजिये. किसी देश में ऐसा हुआ है कि किसी ने छह लोगों को कुचल दिया हो और उसे निमंत्रण दिया गया कि आइये हमसे बात कीजिये. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री (Chief Minister) उस मंत्री का बचाव कर रहे हैं जिसके बेटे ने इतना जघन्य अपराध किया है.

प्रियंका गांधी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लखनऊ (Lucknow) आए लेकिन किसानों के घर दुख बांटने नहीं जा सके. आप आजादी का उत्सव मना रहे हैं, लेकिन आजादी किसने दी. आजादी किसानों के बेटों ने दी है. इस उत्सव का क्या मतलब है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस देश में सिर्फ दो तरह के लोग सुरक्षित हैं. एक भाजपा का नेता और दूसरा उसके खरबपति मित्र. इस देश में किसी धर्म का व्यक्ति सुरक्षित नहीं है. न किसी जाति का व्यक्ति सुरक्षित है. न महिलाएं सुरक्षित हैं और न ही कोई किसान-दलित सुरक्षित है. इस बात को पहचानिये. पेट्रोल (Petrol) पंपों पर जो बड़ी-बड़ी होर्डिंग लग रही है, उसे पहचानिये. सच्चाई को पहचानिये. आप किस चीज से डर रहे हैं. डरिये नहीं, समय आ गया है. चुनाव की बात नहीं है अब देश की बात है. ये देश भाजपा के पदाधिकारियों, उनके मंत्रियों की जागीर नहीं है. ये देश आपका देश है. इस देश को कौन बचाएगा. अगर आप जागरूक नहीं बनेंगे समझदार नहीं बनेंगे. इनकी राजनीति में उलझे रहेंगे तो आप परेशान रहेंगे. आप किसान हो. आपकी मेहनत ने इस देश को बनाया है. जो आपको आंदोलनजीवी कहते हैं, आपको आतंकवादी कहते हैं, उन्हें न्याय देने के लिए मजबूर कीजिये. हम किसी से नहीं डरते हैं. जब तक गृहराज्यमंत्री इस्तीफा नहीं देगा, हम लड़ते रहेंगे.
रैली में उमड़ी भीड़ देख उत्साहित प्रियंका गांधी ने केन्द्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि मोदी जी ने पिछले साल 16,000 करोड़ रुपये में अपने लिए दो विमान खरीदे थे. उन्होंने अरबपति दोस्तों को सिर्फ 18,000 करोड़ रुपये में देश की पूरी एयर इंडिया बेच दी. उन्होंने कहा कि अपने आप को गंगापुत्र कहने वाले हमारे प्रधानमंत्री ने गंगापुत्रों का अपमान किया है. किसान बुरी तरह परेशान हैं. इन्होंने देखा है कि आवारा पशु किस तरह उन्हें तबाह कर रहे हैं. क्या प्रधानमंत्री ने आवारा पशुओं को देखा है, लेकिन मैंने देखा है. बिजली के दाम तीन बार बढ़ा दिये गए हैं. बिजली नहीं मिल रही है लेकिन बिजली के बिल मिल रहे हैं. प्रदेश का हर किसान दुखी है. धान-गेहूं का दाम नहीं मिल रहा है. खेती के उपकरणों पर जीएसटी लगा रखी है. 100 रुपये का पेट्रोल, 90 का डीजल और हजार रुपये का गैस सिलेंडर मिल रहा है. कोयला खत्म हो रहा है. बेरोजगारी चरम पर है. जहां-जहां जाओ बेरोजगार युवा मिलते हैं.

कांग्रेस महासचिव एवं उप्र प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि तीन सौ दिनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं. इस दौरान 600 किसानों की मौत हो चुकी है. किसान इसलिए आंदोलन कर रहे हैं कि उनकी आमदनी, जमीन और खेती पर सरकार के अरबपति दोस्त कब्जा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है. कोरोना काल में छोटे व्यापारी और किसान तबाह हो चुके हैं जबकि प्रधानमंत्री के खरबपति मित्र हर रोज करोड़ों रुपये कमा रहे है. बड़ी संख्या में छोटे व्यापारियों को अपने काम बंद करने पडे. सरकार की तरफ से उन्हे कोई राहत सरकार नहीं मिली. उन्हे जीएसटी और नोटबंदी के तौर पर सिर्फ प्रताड़ित किया गया.

प्रियंका गांधी ने कहा कि बेरोजगारी चरम पर है. जहां जाओ बेरोजगार मिलते है. मैं लखनऊ (Lucknow) की बस्ती में गयी. योगी ने सफाई कर्मचारियों के प्रति अपशब्द कहे. वाल्मीकि मंदिर में झाडू लगाने के बाद घर-घर गयी. एक घर से दूसरे घर गयी. हर घर ने बताया कि किसी के बेटे ने एमए तो किसी ने बीए किया था मगर किसी के पास रोजगार नहीं था. कर्मचारियों का वेतन महीनो से ही बढाया गया था. जनता परेशान है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ खडा होकर परिवर्तन लाईए. अपने प्रदेश को बदलिए. वह तब तक नहीं रूकेंगी जब तक प्रदेश में परिवर्तन नहीं होता. इससे पहले प्रियंका ने काशी विश्वनाथ और मां दुर्गा मंदिर के दर्शन किए और अपने उदबोधन की शुरूआत मां की स्तुति से की और समाप्ति जय माता दी के उदघोष से की.

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