पीएम मोदी से संवाद का अनुभव अविस्मरणीय, माई भारत ने युवाओं को दिए अनगिनत अवसर : सुनील रमेश कुमार केला

Ahmedabad, 27 जुलाई . Rajasthan के युवा सुनील रमेश कुमार केला ने Prime Minister Narendra Modi के साथ संवाद के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ‘माई भारत’ प्लेटफॉर्म ने देशभर के लाखों युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का अभूतपूर्व अवसर दिया है. यह मंच युवाओं को केवल अवसर ही नहीं देता, बल्कि उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों से जोड़कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मजबूत करता है.

सुनील ने से बातचीत में कहा कि वह Prime Minister मोदी और माई India प्लेटफॉर्म के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने उनके जैसे लाखों युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए. उन्हें आज भी विश्वास नहीं होता कि उन्हें Prime Minister से सीधे संवाद करने का अवसर मिला. Prime Minister से बातचीत के दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे वह अपने परिवार के किसी बड़े-बुजुर्ग से सहजता से बातचीत कर रहे हों.

उन्होंने बताया कि माई India के माध्यम से उन्हें Rajasthan से निकलकर Himachal Pradesh के सीमावर्ती गांव चांगो जाने का अवसर मिला. रेगिस्तानी Rajasthan से बर्फीले पहाड़ों तक का यह सफर उनके लिए जीवन का अनूठा अनुभव रहा. दोनों राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन एक चीज समान थी, देश के प्रति लोगों का राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का जज्बा. Prime Minister लगातार युवाओं के विकास और उनकी भागीदारी को लेकर गंभीर रहते हैं. इसी सोच का परिणाम माई India प्लेटफॉर्म है, जिसने उन्हें एक नहीं बल्कि कई बार समाज और देश के लिए काम करने तथा अपने राज्य का नाम रोशन करने का अवसर दिया.

जेनजी के साथ Prime Minister मोदी के संवाद को लेकर पूछे जाने पर सुनील ने कहा कि आजकल यह धारणा बना दी गई है कि जेनजी केवल मोबाइल, लैपटॉप और गेम्स तक सीमित है तथा उसे भविष्य की चिंता नहीं होती. यह सोच पूरी तरह गलत है. यदि कोई वास्तव में आज की युवा पीढ़ी को समझना चाहता है, तो उसे माई India प्लेटफॉर्म से जुड़ना चाहिए. इस मंच पर देशभर के युवा सामाजिक कार्यों में भाग ले रहे हैं, सीमावर्ती गांवों का दौरा कर रहे हैं, विकास कार्यों को समझ रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. 2047 के विकसित India की नींव आज के यही जेनजी रखेंगे.

सुनील ने कहा कि Prime Minister ने देश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहां उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप असीमित अवसर मिलते हैं. वह देश के सभी युवाओं, विशेषकर जेनजी से अपील करते हैं कि वे माई India प्लेटफॉर्म से जुड़ें और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाएं. इस मंच पर अवसरों की कोई कमी नहीं है. यदि युवा पूरी लगन से काम करना चाहें तो उन्हें लगातार नए अवसर मिलते रहेंगे और उन्हें कभी यह शिकायत नहीं करनी पड़ेगी कि उन्हें मौका नहीं मिला.

अपने हिमाचल प्रवास का अनुभव साझा करते हुए सुनील ने बताया कि यात्रा से पहले उनके मन में कई तरह की आशंकाएं थीं. उन्हें लगता था कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण वहां सड़कें, इंटरनेट और अन्य सुविधाएं सीमित होंगी. लेकिन वहां पहुंचने पर उनकी सभी धारणाएं बदल गईं. हिमाचल की सड़कें और हाईवे बेहद शानदार हैं. साथ ही, डिजिटल सुविधाएं भी उत्कृष्ट हैं. उन्होंने वहां बिना किसी परेशानी के यूपीआई के जरिए भुगतान किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी डिजिटल इंडिया की पहुंच मजबूत हुई है. उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं. स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें स्थानीय व्यंजन सिद्दू और नमक वाली पारंपरिक चाय ‘चा-चा’ का स्वाद चखाया.

सुनील ने बताया कि विदाई से एक दिन पहले उन्होंने भी अपने हिमाचली मित्रों के लिए Rajasthan का प्रसिद्ध दाल-बाटी-चूरमा बनाया. स्थानीय लोगों को यह व्यंजन काफी पसंद आया. उन्हें लगा कि विकसित और समृद्ध India की सबसे सुंदर रेसिपी यही है, हिमाचल का अपनापन, Rajasthan का प्यार और सबसे ऊपर India की एकता. यही Prime Minister के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संदेश की वास्तविक भावना है.

/एबीएम